कान छिदवाने की परम्परा में भी वैगनानिक कारन छुपा हुआ है.. हर एक हिन्दू परपम्परा में कोई न कोई वैगनानिक कारन छुपा हुआ है.. भारत में लगभग सभी धर्मों में कान छिदवाने की परम्परा है।
वैज्ञानिक तर्क-
दर्शनशास्त्री मानते हैं कि इससे सोचने की शक्ति बढ़ती है। जबकि डॉक्टरों का मानना है कि इससे बोली अच्छी होती है और कानों से होकर दिमाग तक जाने वाली नस का रक्त संचार नियंत्रित रहता है।
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