मंत्र जाप, पूजन के संबंध में उपयुक्त विशिष्ट शब्दों का अर्थ | Mantra Jaap Vishishta Shabdon Ka Arth

मंत्र- जप , देव पूजन तथा उपासना के संबंध में प्रयुक्त होने वाले कुछ विशिष्ट शब्दों का अर्थ इस प्रकार समझना चाहिए । 1  पंचोपचार – गन्ध , पुष्प , धूप , दीप तथा नैवैध्य द्वारा पूजन करने को ‘पंचोपचार’ कहते हैं। 2  पंचामृत – दूध ,दही , घृत, मधु { शहद ] तथा शक्कर […]

संपूर्ण सफलता का रहस्य – 108 | 108 – Sampurna Saphalta Ka Rahasya

सम्पूर्ण सफलता का रहस्य ॥ १०८ ॥ ॥ओ३म्॥ का जप करते समय १०८ प्रकार की विशेष भेदक ध्वनी तरंगे उत्पन्न होती है जो किसी भी प्रकार के शारीरिक व मानसिक घातक रोगों के कारण का समूल विनाश व शारीरिक व मानसिक विकास का मूल कारण है। बौद्धिक विकास व स्मरण शक्ति के विकास में अत्यन्त […]

भविष्यकथन में षड्बल का महत्व | Bhavishyaphal mein Shadbhal ka Mahatv

भविष्यकथन में ग्रह बल की गणना अति आवश्यक है। यदि ग्रह योगकारक है तो वह पूर्ण फल तभी दे सकता है जब वह बली हो। मारक ग्रह निष्फल हो सकता है यदि वह निर्बल हो। इस बलाबल को जानने के लिए ज्योतिष की सर्वोत्कृष्ट पद्धति है -षड्बल … प्रश्न: ज्योतिष में षड्बल का क्या महत्व है? […]

बीज मन्त्रों के रहस्या | Beej Mantra Rahasya

बीज मन्त्रों के रहस्या *शास्त्रों में अनेकों बीज मन्त्र कहे हैं, आइये बीज मन्त्रों का रहस्य जाने*! *१–क्रीं–इसमें चार वर्ण हैं! [क,र,ई,अनुसार] क–काली, र–ब्रह्मा, ईकार–दुःखहरण*! *अर्थ–ब्रह्म-शक्ति-संपन्न महामाया काली मेरे दुखों का हरण करे!* *२–श्रीं—-चार स्वर व्यंजन—[श, र, ई, अनुसार]=श–महालक्ष्मी, र-धन-ऐश्वर्य, ई– तुष्टि, अनुस्वार– दुःखहरण!* *अर्थ—धन- ऐश्वर्य सम्पति, तुष्टि-पुष्टि की अधिष्ठात्री देवी लाष्मी मेरे दुखों का […]

सूर्य को जल चढाने क्या फायदे | Surya Ko Jal Chadane Ki Faayde

सूर्य को जल चढाने क्या फायदे सूर्य को जल चढ़ाने से हमारे व्यक्तित्व पर सीधा असर होता है। ज्योतिष की मान्यता है कि सूर्य देव सभी ग्रहों के स्वामी हैं, इसलिए यदि वे हमसे प्रसन्न रहते हैं तो बाकी ग्रहों की भी कृपा प्राप्त की जा सकती है। विज्ञान के अनुसार भी सूर्य को जल […]

गौ माता माहात्म्य | Gau Mata Mahatmyam

गौ कृपा केवलम 1 गौ माता जीस जगह खडी रहकर आनंद पुर्वक चैन की सांस लेती है। वहा वास्तु दोष समाप्त हो जाते है। 2 गौ माता मे तैतीस कोटी देवी देवताओं का वास है। 3 गौ माता जीस जगह खुशी से रभांने से देवी देवता पुष्प वर्षा करते है। 4 गौ माता के गले […]

नवग्रहदेवता के पत्नी के नाम | Navgrah Devtaon ke Patni ke naam

नवग्रहदेवता के पत्नी के नाम (1) सूर्य – संध्या, छाया देवी (2) चन्द्र – रोहिणीदेवी (3 मंगल – शकितदेवी (4) बुध – इलादेवी (5) बृहस्पति – तारादेवी (6) शुक – सुकितीॅ-उजॅसवथीदेवी (7) शनि – नीला देवी (8) राहु – सीम्हीदेवी (9) केतु – चित्रलेखादेवी वेदो के पत्नी के नाम (1) ऋग्वेद – सामधेन्याः (2) यजुर्वेद […]

जन्मदिन मनाने की विधि | Janmdin Kaise Manaye | जन्मदिन कैसे मनाये

जन्मदिन मनाने की विधि, Janmdin Kaise Manaye, जन्मदिन कैसे मनाये.. शास्त्रों में जन्मदिन मनाए जाने को वर्धापन संस्कार कहा गया है। जन्म तिथि पर इस संस्कार को सम्पन्न किया जाना उम्र बढ़ाने वाला व जीवन में खुशियां लाने वाला होता है। जन्मदिन के दिन किए जाने वाले विधान जन्मतिथि और नक्षत्र से ही जुड़े होते […]

माला जपने के नियम | Mala Japne Ki Niyam

माला जपने के नियम और जप माला की संक्षिप्त जानकारी : माला कार्यानुसार तुलसी, वैजयंती, रुद्राक्ष, कमल गट्टे, स्फटिक, पुत्रजीवा, अकीक, रत्नादि किसी की भी हो सकती है। अलग-अलग कार्य सिद्धियों के अनुसार ही इन मालाओं का चयन होता है। * तारक मंत्र के लिए सर्वश्रेष्ठ माला तुलसी की मानी जाती है। * माला के […]

गणेश जी के विभिन्न रूपों की आराधना का महत्त्व | Ganpati Ke Vibhinn Rup Ki Aradhana

गणेश जी के विभिन्न रूपों की आराधना का महत्त्व… ● सफेद आंकड़े के गणेश ● तंत्र क्रियाओं में सफेद आंकड़ा (एक प्रकार का पौधा) की जड़ से निर्मित श्रीगणेश का विशेष महत्व है। इसे श्वेतार्क गणपति भी कहते हैं। कई टोने-टोटकों में श्रीगणेश के इस स्वरूप का उपयोग किया जाता है। श्वेतार्क गणपति को घर […]

मन्त्रों से रोग निवारण | Mantro Se Rog Nivaran

मन्त्रों से करें रोग निवारण.. कैंसर रोग निवारण, मस्तिष्क रोग निवारण, आंखों के रोग निवारण, हृदय रोग निवारण, स्नायु रोग निवारण, कान संबंधी रोग निवारण.. कैंसर रोग “ॐ नम: शिवाय शंभवे कर्केशाय नमो नम:।” यह मंत्र किसी भी तरह के कैंसर रोग में लाभदायक होता है। मस्तिष्क रोग “ॐ उमा देवीभ्यां नम:।” यह मंत्र मस्तिष्क संबंधी विभिन्न रोगों जैसे सिरदर्द, हिस्टीरिया, याददाश्त जाने आदि […]

भोजन ग्रहण के नियम | Bhojan Grahan Niyam

भोजन ग्रहण करने के कुछ नियम है 🚩 पांच अंगो ( दो हाथ , २ पैर , मुख ) को अच्छी तरह से धो कर ही भोजन करे। 🚩 गीले पैरों खाने से आयु में वृद्धि होती है। 🚩प्रातः और सायं ही भोजन का विधान है। 🚩पूर्व और उत्तर दिशा की ओर मुह करके ही […]

पौराणिक काल के 24 चर्चित श्राप | 24 Pauranik Shraap

पौराणिक 24 श्राप जानिए पौराणिक काल के 24 चर्चित श्राप और उनके पीछे की कहानी हिन्दू पौराणिक ग्रंथो में अनेको अनेक श्रापों का वर्णन मिलता है। हर श्राप के पीछे कोई न कोई कहानी जरूर मिलती है। आज हम आपको हिन्दू धर्म ग्रंथो में उल्लेखित 24 ऐसे ही प्रसिद्ध श्राप और उनके पीछे की कहानी […]

नित्य पूजा पाठ के नियम | Nitya Puja Paath Ke Niyam

नित्य पूजा पाठ के नियम कई बार लोग प्रश्न करते हैं कि घर में नियमित पूजा-पाठ किस तरह की जाये और किस भगवान की पूजा की जाये शुद्ध आसन पर बैठकर प्रातः और संध्या को पूजा अर्चना करने को नित्य नियम कहते हैं पाठ का क्रम इस तरह से होना चाहिए :- 1. सर्वप्रथम गणेश जी की उपासना:- […]

यह रामचरितमानस की चौपाइयों के जप से बड़े बड़े संकट होंगे समाप्त

यह रामचरितमानस की चौपाइयों के जप से बड़े बड़े संकट होंगे समाप्त.. रामचरितमानस की चौपाइयों में ऐसी क्षमता है कि इन चौपाइयों के जप से ही मनुष्य बड़े-से-बड़े संकट में भी मुक्त हो जाता है। इन मंत्रो का जीवन में प्रयोग अवश्य करे प्रभु श्रीराम आप के जीवन को सुखमय बना देगे। 1.* रक्षा के […]

एक गोत्र में शादी क्यूँ नहीं करनी चाहिए | इसके पीछे कुछ वैगनानिक कारण

एक गोत्र में शादी क्यूँ नहीं…. वैज्ञानिक कारण हैं? एक गोत्र में शादी क्यूँ नहीं करनी चाहिए? इसके पीछे कुछ वैगनानिक कारण भी है.. एक दिन डिस्कवरी पर जेनेटिक बीमारियों से सम्बन्धित एक ज्ञानवर्धक कार्यक्रम देख रहा था … उस प्रोग्राम में एक अमेरिकी वैज्ञानिक ने कहा की जेनेटिक बीमारी न हो इसका एक ही इलाज है और वो […]

कान छिदवाने में वैगनानिक कारन | Scientific Reason of Ear Piercing in Hindi

कान छिदवाने की परम्परा में भी वैगनानिक कारन छुपा हुआ है.. हर एक हिन्दू परपम्परा में कोई न कोई वैगनानिक कारन छुपा हुआ है.. भारत में लगभग सभी धर्मों में कान छिदवाने की परम्परा है। वैज्ञानिक तर्क- दर्शनशास्त्री मानते हैं कि इससे सोचने की शक्त‍ि बढ़ती है। जबकि डॉक्टरों का मानना है कि इससे बोली अच्छी होती […]

मनोकामनाओं हेतु वृक्ष | Manokamna hetu Vriksh

मनोकामनाओं हेतु वृक्ष – विशेष तरह के मनोकामना पूरी होने के लिए हर एक विशेष वृक्ष लगाना चाहिए. हमारे सनातन संप्रदाय में वृक्ष, पशु, पक्षी और सारी प्रकृति की भूमिका बढ़ी महत्वपूर्ण होती है. हिन्दु धर्म में अनेको वृक्षों को पूज्य मानकर उनकी पूजा की जाती है । वृक्षों से हमें बहुत से लाभ है । […]

शुभाशुभ नक्षत्र | Shubh Ashubh Nakshatra | २७ नक्षत्र की शुभ अशुभ फल

शुभाशुभ नक्षत्र – प्रत्येक की अलग अलग संख्या उनके चरणों को संबोधित करती है | जानिये नक्षत्र जिनकी शान्ति करना जरुरी है | 1).अश्विनी का- पहला चरण.(1).अशुभ है. 2).भरणी का – तिसरा चरण.(3).अशुभ है. 3).कृतीका का – तीसरा चरण.(3).अशुभ है. 4).रोहीणी का – पहला,दूसरा और तीसरा चरण.(1,2,3).अशुभ है. 5).आर्द्रा का – चौथा चरण.(4).अशुभ है. 6).पुष्य नक्षत्र का – दूसरा और तीसरा […]

कुण्डली के अशुभ योगों की शान्ति | Ashubh Yog Ki Shanti

कुण्डली के अशुभ योगों की शान्ति.. जन्मकुंडली में अशुभ योगों से कैसे छुटकारा पाये? जन्म कुंडली के अशुभयोगों की शांति. कैसे कराये कुंडली में अशुभ योगों के शांति. 1).चांडाल योग=गुरु के साथ राहु या केतु हो तो जातक बुजुर्गों का एवम् गुरुजनों का निरादर करता है ,मोफट होता है,तथा अभद्र भाषा का प्रयोग करता है.यह जातक […]