Rishi Panchami Vrat Katha in Hindi | ऋषि पंचमी व्रत कथा | ऋषि पंचमी पूजन की कहानी

Saptarishis

ऋषि पंचमी व्रत भाद्रपदा शुक्ल पंचमी के दिन मनाई जाती है| ऋषि पंचमी व्रत विधि में दो कथाये पठन करनी चहिये| वह दो कथाये इस प्रकार के है| ऋषि पंचमी व्रत विधि, कैसे करें ऋषि पंचमी पूजन Rishi Panchami Vrat Katha in English Importance of Rishi Panchami Vrat ऋषि पंचमी व्रत कथा – १ एक नगर […]

जितिया व्रत कथा | जीमूतवाहन व्रत कथा | Jitiya Vrat Katha in Hindi

जितिया व्रत कथा जीमूतवाहन की सम्बंदित है| जितिया व्रत आश्विन मॉस की कृष्णा पक्ष अष्टमी तिथि के दिन कियाजाता है| जितिया व्रत कथा एक बार जीमूतवाहन गंधमादन पर्वत पर भ्रमण कर रहे थे उसी समय उनके कानों में एक वृद्ध स्त्री के रोने की आवाज आई। जीमूतवान ने महिला के पास जाकर रोने का कारण […]

संतान गोपाल स्तोत्र | Santan Gopal Stotra Hindi mein

Santan Gopal Stotra (संतान गोपाल स्तोत्र) is one of the most famous stotras for childless couples to get children by performing Santan Gopal Stotra Japa Vidhi. इस स्तोत्ररत्न जप करने से न केवल उत्तम पुत्र की प्राप्ति होती है, धन, संपत्ति, ऐश्वर्य एवं राजसम्मान भी प्राप्त होता है| संतान प्राप्ति के लिए अचूक उपचार – जन्माष्टमी […]

संतान प्राप्ति के प्रयोग करें जन्माष्टमी के दिन | Childless Couple ke liye Achuk Upay

श्री कृष्णा जन्माष्टमी संतान प्राप्ति की कामना हेतु प्रयोग के लिए एक अद्भुत अवसर है| श्रवण पूर्णिमा के बाद कृष्णा पक्ष अष्टमी दिन मानते है श्री कृष्णा जन्माष्टमी पर्व. यह पर्व उन लोगों के लिए विशेष मुहूर्त का दिन भी है, जो संतान की अभिलाषा रखते है और इस हेतु कोई साधना या प्रयोग या […]

वैभव लक्ष्मी व्रत

शुक्रवार को लक्ष्मी देवी का भी व्रत रखा जाता है। इसे वैभवलक्ष्मी व्रत भी कहा जाता है। इस दिन स्त्री-पुरुष देवी लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करते हुए श्वेत पुष्प, श्वेत चंदन से पूजा कर तथा चावल और खीर से भगवान को भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण करते हैं। इस व्रत के दिन उपासक को एक समय भोजन […]

हरछठ

हरछठ पूजा ( हलषष्ठी) यह त्यौहार भादों कृष्ण पक्ष की छठ को मनाया जाता है। इसी दिन श्री कृष्ण के बड़े भाई बलराम का जन्म हुआ था। यह व्रत केवल पुत्रवती महिलाएं करती हैं। इस व्रत में पेड़ों के फल बिना बोया अनाज आदि खाने का विधान है।केवल पड़िया (भैंस का बच्चा ) वाली भैंस […]

राधाष्टमी पूजन

सनातन धर्म में भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि श्री राधाष्टमी के नाम से प्रसिद्ध है। शास्त्रों में इस तिथि को श्री राधाजी का प्राकट्य दिवस माना गया है। श्री राधाजी वृषभानु की यज्ञ भूमि से प्रकट हुई थीं। वेद तथा पुराणादि में जिनका ‘कृष्ण वल्लभा’ कहकर गुणगान किया गया है, वे श्री […]

व्यापर वृद्धि के उपाय | Tone Totke – Business Success | Best Upay

हम दिन रात अपने बिजनेस विस्तार और सफलता के प्रयत्नरत रहते है परन्तु किसी न किसी वजह से हम सफल नहीं हो पाते है। ऐसा होने के अनेक कारण हो सकते है। हो सकता है कि आपके ग्रहो कर स्थिति ठीक न हो या कोई वास्तुदोष हो जिसकी वजह से आप जैसे परिणाम चाहते हैं […]

नागा साधु की रहस्यमय जीवन | Naga Sadhus’ Mysterious Life

Naga Sadhus, Aghoras at Kumbh Mela 2013

नागा साधु की रहस्यमय जीवन | Naga Sadhus’ Mysterious Life. The Mysterious world of Naga Sadhus. नागा साधु हिन्दू धर्मावलम्बी साधु हैं जो कि नग्न रहने तथा युद्ध कला में माहिर होने के लिये प्रसिद्ध हैं। ये विभिन्न अखाड़ों में रहते हैं। जिनकी परम्परा आदिगुरु शंकराचार्य द्वारा की गयी थी। इनके आश्रम हरिद्वार और दूसरे […]

Mahashivaratri Vrat Katha in Hindi

महाशिवरात्रि की पवित्र प्रामाणिक कथा पूर्व काल में चित्रभानु नामक एक शिकारी था। जानवरों की हत्या करके वह अपने परिवार को पालता था। वह एक साहूकार का कर्जदार था, लेकिन उसका ऋण समय पर न चुका सका। क्रोधित साहूकार ने शिकारी को शिवमठ में बंदी बना लिया। संयोग से उस दिन शिवरात्रि थी। शिकारी ध्यानमग्न […]

रविवार व्रत कथा | Ravivar Vrat Katha in Hindi

प्राचीन काल में एक बुढ़िया रहती थी. वह नियमित रूप से रविवार का व्रत करती. रविवार के दिन सूर्योदय से पहले उठकर बुढ़िया स्नानादि से निवृत्त होकर आंगन को गोबर से लीपकर स्वच्छ करती, उसके बाद सूर्य भगवान की पूजा करते हुए रविवार व्रत कथा सुन कर सूर्य भगवान का भोग लगाकर दिन में एक […]

Mangalvar Vrat Katha in Hindi | मंगलवार व्रत कथा

Mangalvar Vrat Katha in Hindi, Story of Mangalvar Vrat in Hindi is explained here along with the Mangal Bhagavan Katha. प्राचीन समय में ऋषिनगर में केशवदत्त ब्राह्मण अपनी पत्नी अंजलि के साथ रहता था. केशवदत्त को धन-संपत्ति की कोई कमी नहीं थी. सभी लोग केशवदत्त का सम्मान करते थे, लेकिन कोई संतान नहीं होने के कारण […]

Guruvar Vrat Katha in Hindi | Brihaspati Vaar Vrat Katha in Hindi

Guruvar Vrat Katha in Hindi, Story of Brihaspati Vaar Vrat in Hindi is explained here along with the Brihaspati Bhagavan Katha. वृहस्पतिवार (गुरुवार व्रत) कथा प्राचीन समय की बात है– एक बड़ा प्रतापी तथा दानी राजा था, वह प्रत्येक गुरुवार को व्रत रखता एवं पून करता था. यह उसकी रानी को अच्छा न लगता. न […]

Vat Savitri Vrat Katha in Hindi

Here is the story of Vat Savitri Vrat in Hindi. Vat Savitri Vrat Katha is mentioned in the Mahabharata as a conversation between King Yudhishtira and Markandeya. The story of Vat Savitri Vrat goes like this… सावित्री और सत्यवान की कथा सबसे पहले महाभारत के वनपर्व में मिलती है। जब युधिष्ठिर मारकण्डेय ऋषि से पूछ्ते […]

शनि की कुदृष्टि के है अनेक शिकार

शनि के कारण ही पार्वती पुत्र भगवान गणेश का सिर छेदन हुआ, भगवान राम को वनवास हुआ एवं लंकापति रावण का संहार हुआ और पांडवों का वनवास हुआ | शनि के कोप के कारण ही विक्रमादित्य जैसे राजा को कई कष्ट का सामना करना पड़ा तथा त्रेता युग में राजा हरिश्चंद्र को दर-दर की ठोकरें […]

शनि की दृष्टी क्रूर कैसे हुयी | How Shani’s Drushti became Cruel

भगवान सूर्य और छाया की संतान शनि का जन्म जेष्ठ कृष्ण अमावस्या के दिन हुआ था | भगवान सूर्य के अन्य पुत्रों की अपेक्षा शनि प्रारंभ से ही विपरीत स्वभाव के थे | कहते हैं कि जब शनि पैदा हुए तो उनकी नजर अपने पिता सूर्य पर पड़ते ही उन्हें कुष्ठ रोग हो गया था […]

कैसे हुए शनिदेव लंगड़े | How Shani became Lame

पिप्पलाद मुनि की बाल्यावस्था में उनके पिता का देहावसान हो गया था | यमुना के तट पर तपस्वी जीवन व्यतीत करने वाले उनके पिता को शनि ने अत्यधिक कष्ट दिया था | विपन्नता और व्याधि के निरंतर आक्रमण से पिप्पलाद मुनि के पिता के प्राण चले गए थे | उनकी माता अपने पति की मृत्यु […]

Shiva Aur Shani Ka Yuddh | भगवान शिव और शनि का युद्ध

संतानों के योग्य होने पर सूर्य ने प्रत्येक संतान के लिए प्रत्येक लोक की व्यवस्था की किंतु शनि अपने लोग से संतुष्ट नहीं हुए | उन्होंने समस्त लोगों पर आक्रमण करने की योजना बनाई सूर्य को शनि की इस भावना से अत्यंत कष्ट हुआ | अब तो शनि के आतंक की पराकाष्ठा ही हो चुकी […]

सिंह राशिफल अप्रैल 2018 | Singh Rashifal April 2018 | सिंह राशि भविष्य

सिंह राशि अप्रैल 2018 की मासिक राशिफल, पढ़े सिंह राशि की दैनिक एवं साप्ताहिक राशि भविष्य अप्रैल 2018.. नाम के अनुसार सिंह राशि: माँ, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे. नक्षत्र के अनुसार सिंह राशि: माघ नक्षत्र का चारों चरण; पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र का चारों चरण; उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र का प्रथम चरण | पाश्चात्य ज्योतिष के […]