भोजन ग्रहण करने के कुछ नियम है पांच अंगो ( दो हाथ , २ पैर , मुख ) को अच्छी तरह से धो कर ही भोजन करे। गीले पैरों खाने से आयु में वृद्धि होती है। प्रातः और सायं ही भोजन का विधान है। पूर्व और उत्तर दिशा की ओर मुह करके ही खाना चाहिए। […]
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पौराणिक काल के 24 चर्चित श्राप | 24 Pauranik Shraap
पौराणिक 24 श्राप जानिए पौराणिक काल के 24 चर्चित श्राप और उनके पीछे की कहानी हिन्दू पौराणिक ग्रंथो में अनेको अनेक श्रापों का वर्णन मिलता है। हर श्राप के पीछे कोई न कोई कहानी जरूर मिलती है। आज हम आपको हिन्दू धर्म ग्रंथो में उल्लेखित 24 ऐसे ही प्रसिद्ध श्राप और उनके पीछे की कहानी […]
मनोकामनाओं हेतु वृक्ष | Manokamna hetu Vriksh
मनोकामनाओं हेतु वृक्ष – विशेष तरह के मनोकामना पूरी होने के लिए हर एक विशेष वृक्ष लगाना चाहिए. हमारे सनातन संप्रदाय में वृक्ष, पशु, पक्षी और सारी प्रकृति की भूमिका बढ़ी महत्वपूर्ण होती है. हिन्दु धर्म में अनेको वृक्षों को पूज्य मानकर उनकी पूजा की जाती है । वृक्षों से हमें बहुत से लाभ है । […]
पूजा-पाठ में दीपक क्यों जलाया जाता है | Deepak Jalana Kyu
पूजा-पाठ में दीपक क्यों जलाया जाता है। मान्यता है कि अग्नि देव को साक्षी मानकर उसकी मौजूदगी में किए काम जरूर सफल होते हैं। हमारे शरीर की रचना में सहायक पांच तत्वों में से अग्नि भी एक है। दूसरा अग्नि पृथ्वी पर सूर्य का बदला हुआ रूप है। इसलिए किसी भी देवी- देवता के पूजन […]
कुण्डली के अशुभ योगों की शान्ति | Ashubh Yog Ki Shanti
कुण्डली के अशुभ योगों की शान्ति.. जन्मकुंडली में अशुभ योगों से कैसे छुटकारा पाये? जन्म कुंडली के अशुभयोगों की शांति. कैसे कराये कुंडली में अशुभ योगों के शांति. 1).चांडाल योग=गुरु के साथ राहु या केतु हो तो जातक बुजुर्गों का एवम् गुरुजनों का निरादर करता है ,मोफट होता है,तथा अभद्र भाषा का प्रयोग करता है.यह जातक […]
Durga Saptashati Sankalpam | दुर्गा सप्तशती पाठ संकल्पम

Before starting any Puja, Sankalpam (Will / determination) is a must and should step. It is also considered as oath or ‘Uddheshyam’ of our Puja to that particular God/Goddess and the geo tagging of time and the sadhak (the performer). Durga Saptashati is one of the highly meritorious revered text recited during Navratri. Durga Saptashati […]
Ahoi Ashtami Vrat Katha in Hindi | अहोई अष्टमी व्रत कथा
अहोई अष्टमी का व्रत सन्तान की उन्नति, प्रगति और दीर्घायु के लिए होता है| यह व्रत कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी को किया जाता है| दीपावली के ठीक एक हफ्ते पहले पड़ती है l अहोई अष्टमी का व्रत विधि व्रत करने वाली स्त्री को इस दिन उपवास रखना चाहिए| सायं काल दीवार पर अष्ट कोष्ठक की […]
गायत्री मंत्र की महत्त्व | Gayatri Mantra Ki Mahatv
शास्त्रों के अनुसार गायत्री वेदमाता हैं एवं मनुष्य के समस्त पापों का नाश करने की शक्ति उनमें है। गायत्री को भारतीय संस्कृति की जननी कहा गया है। गायत्री मंत्र को वेदों का सर्वश्रेष्ठ मंत्र बताया गया है। इसके जप के लिए तीन समय बताए गए हैं। गायत्री मंत्र का जप का पहला समय है प्रात:काल, […]
Sharad Purnima Vrat Katha in Hindi
एक साहूकार के दो पुत्रियां थी. दोनों पुत्रियां पूर्णिमा का व्रत रखती थी, परन्तु बड़ी पुत्री विधिपूर्वक पूरा व्रत करती थी जबकि छोटी पुत्री अधूरा व्रत ही किया करती थी. परिणामस्वरूप साहूकार के छोटी पुत्री की संतान पैदा होते ही मर जाती थी. उसने पंडितों से अपने संतानों के मरने का कारण पूछा तो उन्होंने […]
श्री विद्या साधना | प्रमुख विधियां, मुख्य मंत्र

श्री विद्या साधना | प्रमुख विधियां, मुख्य मंत्र.. श्री विद्या साधना एक गूढ़ तांत्रिक और आध्यात्मिक साधना पद्धति है जिसमें देवी त्रिपुरा सुंदरी की उपासना, श्री यंत्र पूजा और बीज मंत्रों के माध्यम से आत्मिक जागरण और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। इसकी साधना में मंत्र, यंत्र, पूजा, ध्यान, और गुरु-दीक्षा का विशेष महत्व […]
कौनसी राशि की जातक कौनसी देवता की आराधना करें | Kaunsi Rashi Ki Jathak Kaunsi Devta Ki Aradhana
जातक को किस देवता की आराधना करनी चाहिए। मेष राशि (Aries) मंगल ग्रह के अधीन है, यह राशि अग्नि तत्वीय, चतुष्पदीय चर स्वभाव की है। चर स्वभाव के कारण गतिशीलता इन जातकों का प्रमुख गुण होता है। बल की अधिकता होने के कारण इस राशि के अधिक प्रभाव वाले जातकों को मंगल के प्रतीक हनुमानजी […]
Dubri Satam Vrat Katha in Hindi | दुबड़ी सातें, दुबड़ी सप्तमी व्रत कथा
भाद्रपद शुक्ला सप्तमी को दुबड़ी सप्तमी के नाम से मनाया जाता है| यह त्योहार राजस्थान में मुख्य रूप में मनाया जाता है| जिस दिन महिलाएं अपने संतान की मंगल कामना के लिए व्रत करती है तथा दुबड़ी माता की पूजा करते हैं| जिस दिन एक पाटे पर कुछ बच्चों (दुबड़ी) की मूर्ति, सर्पों की मूर्ति, […]
Rishi Panchami Vrat Katha in Hindi | ऋषि पंचमी व्रत कथा | ऋषि पंचमी पूजन की कहानी

ऋषि पंचमी व्रत भाद्रपदा शुक्ल पंचमी के दिन मनाई जाती है| ऋषि पंचमी व्रत विधि में दो कथाये पठन करनी चहिये| वह दो कथाये इस प्रकार के है| ऋषि पंचमी व्रत विधि, कैसे करें ऋषि पंचमी पूजन Rishi Panchami Vrat Katha in English Importance of Rishi Panchami Vrat ऋषि पंचमी व्रत कथा – १ एक नगर […]
महा विपरीत प्रत्यंगिरा स्तोत्रम | विधि, साधना, विधान
Maha Viparita Pratyangira Stotram in Hindi – Pujan Vidhi, Sotra Sadhana, Pujan Vidhan in Hindi. नमस्कार मन्त्रः- श्रीमहाविपरीत प्रत्यंगिरा काल्यै नमः । ।।पूर्व-पीठिका-महेश्वर उवाच।। श्रृणु देवि, महा-विद्यां, सर्व-सिद्धि-प्रदायिकां। यस्याः विज्ञान-मात्रेण, शत्रु-वर्गाः लयं गताः।। विपरीता महा-काली, सर्व-भूत-भयंकरी। यस्याः प्रसंग-मात्रेण, कम्पते च जगत्-त्रयम्।। न च शान्ति-प्रदः कोऽपि, परमेशो न चैव हि। देवताः प्रलयं यान्ति, किं पुनर्मानवादयः।। पठनाद्धारणाद्देवि, […]
Janeyu Ki Mahatmya | Yagnopaveetham | जनेऊ क्यों पहनते हैं, जनेऊ धारण

जनेऊ क्यों पहनते हैं:– ब्राह्मणो ब्रह्मवर्चसी जायताम।। अर्थात:– ब्राह्मण ब्रह्म (ईश्वर) तेज से युक्त हो। ॐ यज्ञोपवीतं परमं पवित्रं, प्रजापतेयर्त्सहजं पुरस्तात्। आयुष्यमग्र्यं प्रतिमुञ्च शुभ्रं, यज्ञोपवीतं बलमस्तु तेजः॥ अर्थात:– जनेऊ को उपवीत, यज्ञसूत्र, व्रतबन्ध, बलबन्ध, मोनीबन्ध और ब्रह्मसूत्र भी कहते हैं। जनेऊ धारण करने की परम्परा बहुत ही प्राचीन है। वेदों में जनेऊ धारण करने की […]
यमुना जयंती 2026 | Yamuna Jayanti
24 March 2026 को यमुना जयंती है| इस दिन यमुना स्नान एवं यमुना नदी के पूजन का विशेष महत्व है| साधक को यमुना किनारे किसी तीर्थ स्थल पर जाकर यमुना स्नान एवं पूजन करना चाहिए| यमुना नदी गंगा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है जो यह यमुनोत्री (उत्तरकाशी से ३० किमी उत्तर, गढ़वाल में) […]
विद्यार्थियों हेतु प्रयोग | सरस्वती ध्यान एवं मंत्र जप (Saraswati Mantra Jaap for Students)
नवीन शिक्षा सत्र प्रारम्भ हो चुका है| विद्या की प्राप्ति एवं परीक्षा में सफलता हेतु माँ सरस्वती का ध्यान एवं मंत्र जप नित्य करना चाहिए| माँ सरस्वती विद्या और बुद्धि की अधिदेवता है| पढ़ाई और बुद्धि विकास के लिए माँ सरस्वती की अनुग्रह होना आवश्यक होती है| Saraswati Mata is the Goddess of wisdom and […]
Shiva Aur Shani Ka Yuddh | भगवान शिव और शनि का युद्ध
संतानों के योग्य होने पर सूर्य ने प्रत्येक संतान के लिए प्रत्येक लोक की व्यवस्था की किंतु शनि अपने लोग से संतुष्ट नहीं हुए | उन्होंने समस्त लोगों पर आक्रमण करने की योजना बनाई सूर्य को शनि की इस भावना से अत्यंत कष्ट हुआ | अब तो शनि के आतंक की पराकाष्ठा ही हो चुकी […]
हनुमान जी के भी है पांच सगे भाई | जानिये हनुमान के भाइयों के बारे में

क्या आप जानते हैं हनुमानजी के भी हैं पांच भाई, हनुमान जी के पांच भाइयों का नाम क्या है?? हनुमान जी अंजना एवं वानर राज केसरी के पुत्र है परंतु उनके अन्य पुत्रों के बारे में सामान्य जन परिचित नहीं है | इस संबंध में वाल्मीकि रामायण या रामचरितमानस में कोई जानकारी नहीं मिलती है | […]
संतान गोपाल स्तोत्र | Santan Gopal Stotra Hindi mein
Santan Gopal Stotra (संतान गोपाल स्तोत्र) is one of the most famous stotras for childless couples to get children by performing Santan Gopal Stotra Japa Vidhi. इस स्तोत्ररत्न जप करने से न केवल उत्तम पुत्र की प्राप्ति होती है, धन, संपत्ति, ऐश्वर्य एवं राजसम्मान भी प्राप्त होता है| संतान प्राप्ति के लिए अचूक उपचार – जन्माष्टमी […]