9 धन प्राप्ति के अचूक टोटके | 9 Dhan Prapti ke Achuk Totke

हर कोई व्यक्ति अपने जीवन में अधिक से अधिक धन प्राप्त करना चाहता है इसी इच्छा को मन मे पाल कर वह दिन रात मेहरत करता रहता है। परन्तु ऐसे बहुत कम लोग होते है जिन पर माॅ लक्ष्मी की कृपा बरसती है। हम मेहनत तो बहुत करते है पर उसका कोई फायदा नही होते […]

लग्न के अनुसार आपकी इष्टदेवता | Lagna ke anusar aapki Ishtadevta kaun hai

जानिये आपके इष्ट देव कौन है.. आपकी लग्न कुंडली मैं पंचम भाव का स्वामी गृह (पंचमेश ) आपके इष्ट देव है ! चाहे लाख दोष हो आपकी कुंडली मैं …गृह अच्छा फल नहीं दे रहे हो ….तो आप अपने इष्ट देव की आराधना करिये ! उनकी आराधना , उपासना , वंदना, पूजा करने से आपके […]

गर्भ में लड़का या लड़की होने के लक्षण | Garbh me ladka ya ladki hone ki lakshan

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गर्भावस्था का समय 9 माह का होता है जो कि सभी दम्पत्तियों के लिए काफी लम्बा समय होता। परिवार में सभी जन ये जानने को उत्सुक रहते हैं कि वो गर्भावस्था के लम्बे समय अन्तराल के बाद घर का चिराग कहे जाने वाले वालक का स्वागत करेंगें या फिर लक्ष्मी रूपी कन्या का। गर्भवती महिलायों […]

पितृ ऋण के कारण | Pitru Runa Ke Kaaran

पितृ ऋण के कारण, पितृ ऋण के कारण, कैसे बनते है पितृ ऋण, क्या होता है पितृ ऋण? Pitru Runa Kaaran in Hindi. पितृ ऋण के कारण व्यक्ति को मान प्रतिष्ठा के अभाव से पीड़ित होने के साथ-साथ संतान की ओर से कष्ट संतानाभाव संतान का स्वास्यि खराब होने या संतान का सदैव बुरी संगति जैसी […]

कौनसी पूजा में कौनसी तिलक धरना करनी है | Kaunsi Puja me Kaunsi Tilak

कौनसी पूजा में कौनसी तिलक धरना करनी है | Kaunsi Puja me Kaunsi Tilak. शिवा पूजन करने समय, कृष्णा पूजन करने समय, देवी पूजन करने समय, गणपति पूजन करने समय – कौनसी तिलक धरना करनी है | ललाट के मध्यभाग में दोनों भौहों से कुछ ऊपर ललाट बिंदु कहलाता है। सदैव इसी स्थान पर तिलक […]

श्राद्ध करते समय ध्यान रखने 26 नियम | Shraddh Ke 26 Niyam

Pitru Paksha Shraddh Mahalaya Paksha

श्राद्ध करते समय ध्यान रखने योग्य 26 नियम धर्म ग्रंथों के अनुसार श्राद्ध के सोलह दिनों में लोग अपने पितरों को जल देते हैं तथा उनकी मृत्युतिथि पर श्राद्ध करते हैं। ऐसी मान्यता है कि पितरों का ऋण श्राद्ध द्वारा चुकाया जाता है। वर्ष के किसी भी मास तथा तिथि में स्वर्गवासी हुए पितरों के […]

शंख का महत्त्व – शंख का स्वास्थय में, धर्म में, ज्योतिष में उपयोग | Shankh Mahatv

शंख का महत्त्व – शंख का स्वास्थय में, धर्म में, ज्योतिष में उपयोग | Shankh ka Mahatv. Importance of Shankh (Conch) in Health, Sanatan Dharma and Jyotish (Astrology). आइये जाने शंख का स्वास्थय में, धर्म में, ज्योतिष में उपयोग शंख का स्वस्थ्य में महत्व १ : शंख की आकृति और पृथ्वी की संरचना समान है […]

दसमहाविद्या के महत्त्व | Dasmahavidya Mahatv | दसमहाविद्या साधना से हमें क्या मिलेंगे और क्या दूर होंगे

*दसमहाविद्या के महत्त्व और परिचय* काली – बीमारी, रक्षाकवच, शत्रुबाधा, कलह, अकाल मृत्यु, षट्कर्म तारा – आकस्मिक धन प्राप्ति, सिध्द, शिक्षा, बुद्धि त्रिपुर सुंदरी – सुषुम्ना, पिंगला, मन, बुद्धि, चित्त, आध्यात्मिक, धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष भुवनेश्वरी – ज्ञान, चेतना, स्मरण शक्ति, दरिद्रता नाश, सर्वसुख छिन्नमस्ता – शत्रुशक्ति नाश, रक्षा, रोजगार, व्यवसाय, पदोन्नति, वाद विवाद त्रिपुर […]

हवन कुंड और हवन के नियम | Havan Kund & Havan Ke Niyam

offering ghee in Yagna

हवन कुंड और हवन के नियमों के बारे में विशेष जानकारी – हवन दो प्रकार के होते हैं वैदिक तथा तांत्रिक. आप हवन वैदिक करायें या तांत्रिक दोनों प्रकार के हवनों को कराने के लिए हवन कुंड की वेदी और भूमि का निर्माण करना अनिवार्य होता हैं. शास्त्रों के अनुसार वेदी और कुंड हवन के […]

गायत्री मंत्र की महत्त्व | Gayatri Mantra Ki Mahatv

शास्त्रों के अनुसार गायत्री वेदमाता हैं एवं मनुष्य के समस्त पापों का नाश करने की शक्ति उनमें है। गायत्री को भारतीय संस्कृति की जननी कहा गया है। गायत्री मंत्र को वेदों का सर्वश्रेष्ठ मंत्र बताया गया है। इसके जप के लिए तीन समय बताए गए हैं। गायत्री मंत्र का जप का पहला समय है प्रात:काल, […]

कौनसी राशि की जातक कौनसी देवता की आराधना करें | Kaunsi Rashi Ki Jathak Kaunsi Devta Ki Aradhana

जातक को किस देवता की आराधना करनी चाहिए। मेष राशि (Aries) मंगल ग्रह के अधीन है, यह राशि अग्नि तत्‍वीय, चतुष्‍पदीय चर स्‍वभाव की है। चर स्‍वभाव के कारण गतिशीलता इन जातकों का प्रमुख गुण होता है। बल की अधिकता होने के कारण इस राशि के अधिक प्रभाव वाले जातकों को मंगल के प्रतीक हनुमानजी […]

संपूर्ण सफलता का रहस्य – 108 | 108 – Sampurna Saphalta Ka Rahasya

सम्पूर्ण सफलता का रहस्य ॥ १०८ ॥ ॥ओ३म्॥ का जप करते समय १०८ प्रकार की विशेष भेदक ध्वनी तरंगे उत्पन्न होती है जो किसी भी प्रकार के शारीरिक व मानसिक घातक रोगों के कारण का समूल विनाश व शारीरिक व मानसिक विकास का मूल कारण है। बौद्धिक विकास व स्मरण शक्ति के विकास में अत्यन्त […]

यह रामचरितमानस की चौपाइयों के जप से बड़े बड़े संकट होंगे समाप्त

यह रामचरितमानस की चौपाइयों के जप से बड़े बड़े संकट होंगे समाप्त.. रामचरितमानस की चौपाइयों में ऐसी क्षमता है कि इन चौपाइयों के जप से ही मनुष्य बड़े-से-बड़े संकट में भी मुक्त हो जाता है। इन मंत्रो का जीवन में प्रयोग अवश्य करे प्रभु श्रीराम आप के जीवन को सुखमय बना देगे। 1.* रक्षा के […]

नवग्रहदेवता के पत्नी के नाम | Navgrah Devtaon ke Patni ke naam

नवग्रहदेवता के पत्नी के नाम (1) सूर्य – संध्या, छाया देवी (2) चन्द्र – रोहिणीदेवी (3 मंगल – शकितदेवी (4) बुध – इलादेवी (5) बृहस्पति – तारादेवी (6) शुक – सुकितीॅ-उजॅसवथीदेवी (7) शनि – नीला देवी (8) राहु – सीम्हीदेवी (9) केतु – चित्रलेखादेवी वेदो के पत्नी के नाम (1) ऋग्वेद – सामधेन्याः (2) यजुर्वेद […]

जन्मदिन मनाने की विधि | Janmdin Kaise Manaye | जन्मदिन कैसे मनाये

जन्मदिन मनाने की विधि, Janmdin Kaise Manaye, जन्मदिन कैसे मनाये.. शास्त्रों में जन्मदिन मनाए जाने को वर्धापन संस्कार कहा गया है। जन्म तिथि पर इस संस्कार को सम्पन्न किया जाना उम्र बढ़ाने वाला व जीवन में खुशियां लाने वाला होता है। जन्मदिन के दिन किए जाने वाले विधान जन्मतिथि और नक्षत्र से ही जुड़े होते […]

गौ माता माहात्म्य | Gau Mata Mahatmyam

गौ कृपा केवलम 1 गौ माता जीस जगह खडी रहकर आनंद पुर्वक चैन की सांस लेती है। वहा वास्तु दोष समाप्त हो जाते है। 2 गौ माता मे तैतीस कोटी देवी देवताओं का वास है। 3 गौ माता जीस जगह खुशी से रभांने से देवी देवता पुष्प वर्षा करते है। 4 गौ माता के गले […]

माला जपने के नियम | Mala Japne Ki Niyam

माला जपने के नियम और जप माला की संक्षिप्त जानकारी : माला कार्यानुसार तुलसी, वैजयंती, रुद्राक्ष, कमल गट्टे, स्फटिक, पुत्रजीवा, अकीक, रत्नादि किसी की भी हो सकती है। अलग-अलग कार्य सिद्धियों के अनुसार ही इन मालाओं का चयन होता है। * तारक मंत्र के लिए सर्वश्रेष्ठ माला तुलसी की मानी जाती है। * माला के […]

गणेश जी के विभिन्न रूपों की आराधना का महत्त्व | Ganpati Ke Vibhinn Rup Ki Aradhana

गणेश जी के विभिन्न रूपों की आराधना का महत्त्व… ● सफेद आंकड़े के गणेश ● तंत्र क्रियाओं में सफेद आंकड़ा (एक प्रकार का पौधा) की जड़ से निर्मित श्रीगणेश का विशेष महत्व है। इसे श्वेतार्क गणपति भी कहते हैं। कई टोने-टोटकों में श्रीगणेश के इस स्वरूप का उपयोग किया जाता है। श्वेतार्क गणपति को घर […]

पौराणिक काल के 24 चर्चित श्राप | 24 Pauranik Shraap

पौराणिक 24 श्राप जानिए पौराणिक काल के 24 चर्चित श्राप और उनके पीछे की कहानी हिन्दू पौराणिक ग्रंथो में अनेको अनेक श्रापों का वर्णन मिलता है। हर श्राप के पीछे कोई न कोई कहानी जरूर मिलती है। आज हम आपको हिन्दू धर्म ग्रंथो में उल्लेखित 24 ऐसे ही प्रसिद्ध श्राप और उनके पीछे की कहानी […]

भोजन ग्रहण के नियम | Bhojan Grahan Niyam

भोजन ग्रहण करने के कुछ नियम है पांच अंगो ( दो हाथ , २ पैर , मुख ) को अच्छी तरह से धो कर ही भोजन करे। गीले पैरों खाने से आयु में वृद्धि होती है। प्रातः और सायं ही भोजन का विधान है। पूर्व और उत्तर दिशा की ओर मुह करके ही खाना चाहिए। […]