पुत्र प्राप्ति के उपाय | Putra Prapti ke Upay

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पुत्र प्राप्ति के लिए उपाय एक समय था जब लोग अपने परिवार के लिए लड़कों को आवश्यक मानते थे। और लड़कियों को उनसे कम समझते थे। हालाकि अब इस सोच में वहुत बड़ा परिवर्तन देखने को मिलता है। और अब लोग लड़कियो और लड़को को समान रूप से देखने नगे है। ऐसा आपको सामान्यता देखने […]

पञ्चमहापुरुष योग | Pancha Mahapurush Yoga

भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पञ्चमहापुरुष योग | Pancha Mahapurush Yoga | कौनसी योग पञ्चमहापुरुष योग कहलाता है? १- रूचक योग (Ruchak Yog) जन्मकुण्डली में अगर मंगल अपनी राशि का होकर मूल त्रिकोण में अथवा उच्च राशि का होकर केन्द्र में स्थित हों , तो रूचक योग होता है। निष्कर्ष – रूचक योग में जन्म लेनेवाला […]

लग्न के अनुसार आपकी इष्टदेवता | Lagna ke anusar aapki Ishtadevta kaun hai

जानिये आपके इष्ट देव कौन है.. आपकी लग्न कुंडली मैं पंचम भाव का स्वामी गृह (पंचमेश ) आपके इष्ट देव है ! चाहे लाख दोष हो आपकी कुंडली मैं …गृह अच्छा फल नहीं दे रहे हो ….तो आप अपने इष्ट देव की आराधना करिये ! उनकी आराधना , उपासना , वंदना, पूजा करने से आपके […]

गर्भ में लड़का या लड़की होने के लक्षण | Garbh me ladka ya ladki hone ki lakshan

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गर्भावस्था का समय 9 माह का होता है जो कि सभी दम्पत्तियों के लिए काफी लम्बा समय होता। परिवार में सभी जन ये जानने को उत्सुक रहते हैं कि वो गर्भावस्था के लम्बे समय अन्तराल के बाद घर का चिराग कहे जाने वाले वालक का स्वागत करेंगें या फिर लक्ष्मी रूपी कन्या का। गर्भवती महिलायों […]

पितृ ऋण के कारण | Pitru Runa Ke Kaaran

पितृ ऋण के कारण, पितृ ऋण के कारण, कैसे बनते है पितृ ऋण, क्या होता है पितृ ऋण? Pitru Runa Kaaran in Hindi. पितृ ऋण के कारण व्यक्ति को मान प्रतिष्ठा के अभाव से पीड़ित होने के साथ-साथ संतान की ओर से कष्ट संतानाभाव संतान का स्वास्यि खराब होने या संतान का सदैव बुरी संगति जैसी […]

कौनसी राशि की जातक कौनसी देवता की आराधना करें | Kaunsi Rashi Ki Jathak Kaunsi Devta Ki Aradhana

जातक को किस देवता की आराधना करनी चाहिए। मेष राशि (Aries) मंगल ग्रह के अधीन है, यह राशि अग्नि तत्‍वीय, चतुष्‍पदीय चर स्‍वभाव की है। चर स्‍वभाव के कारण गतिशीलता इन जातकों का प्रमुख गुण होता है। बल की अधिकता होने के कारण इस राशि के अधिक प्रभाव वाले जातकों को मंगल के प्रतीक हनुमानजी […]

कौनसी पूजा में कौनसी तिलक धरना करनी है | Kaunsi Puja me Kaunsi Tilak

कौनसी पूजा में कौनसी तिलक धरना करनी है | Kaunsi Puja me Kaunsi Tilak. शिवा पूजन करने समय, कृष्णा पूजन करने समय, देवी पूजन करने समय, गणपति पूजन करने समय – कौनसी तिलक धरना करनी है | ललाट के मध्यभाग में दोनों भौहों से कुछ ऊपर ललाट बिंदु कहलाता है। सदैव इसी स्थान पर तिलक […]

श्राद्ध करते समय ध्यान रखने 26 नियम | Shraddh Ke 26 Niyam

Pitru Paksha Shraddh Mahalaya Paksha

श्राद्ध करते समय ध्यान रखने योग्य 26 नियम धर्म ग्रंथों के अनुसार श्राद्ध के सोलह दिनों में लोग अपने पितरों को जल देते हैं तथा उनकी मृत्युतिथि पर श्राद्ध करते हैं। ऐसी मान्यता है कि पितरों का ऋण श्राद्ध द्वारा चुकाया जाता है। वर्ष के किसी भी मास तथा तिथि में स्वर्गवासी हुए पितरों के […]

शंख का महत्त्व – शंख का स्वास्थय में, धर्म में, ज्योतिष में उपयोग | Shankh Mahatv

शंख का महत्त्व – शंख का स्वास्थय में, धर्म में, ज्योतिष में उपयोग | Shankh ka Mahatv. Importance of Shankh (Conch) in Health, Sanatan Dharma and Jyotish (Astrology). आइये जाने शंख का स्वास्थय में, धर्म में, ज्योतिष में उपयोग शंख का स्वस्थ्य में महत्व १ : शंख की आकृति और पृथ्वी की संरचना समान है […]

दसमहाविद्या के महत्त्व | Dasmahavidya Mahatv | दसमहाविद्या साधना से हमें क्या मिलेंगे और क्या दूर होंगे

*दसमहाविद्या के महत्त्व और परिचय* काली – बीमारी, रक्षाकवच, शत्रुबाधा, कलह, अकाल मृत्यु, षट्कर्म तारा – आकस्मिक धन प्राप्ति, सिध्द, शिक्षा, बुद्धि त्रिपुर सुंदरी – सुषुम्ना, पिंगला, मन, बुद्धि, चित्त, आध्यात्मिक, धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष भुवनेश्वरी – ज्ञान, चेतना, स्मरण शक्ति, दरिद्रता नाश, सर्वसुख छिन्नमस्ता – शत्रुशक्ति नाश, रक्षा, रोजगार, व्यवसाय, पदोन्नति, वाद विवाद त्रिपुर […]

हवन कुंड और हवन के नियम | Havan Kund & Havan Ke Niyam

offering ghee in Yagna

हवन कुंड और हवन के नियमों के बारे में विशेष जानकारी – हवन दो प्रकार के होते हैं वैदिक तथा तांत्रिक. आप हवन वैदिक करायें या तांत्रिक दोनों प्रकार के हवनों को कराने के लिए हवन कुंड की वेदी और भूमि का निर्माण करना अनिवार्य होता हैं. शास्त्रों के अनुसार वेदी और कुंड हवन के […]

संपूर्ण सफलता का रहस्य – 108 | 108 – Sampurna Saphalta Ka Rahasya

सम्पूर्ण सफलता का रहस्य ॥ १०८ ॥ ॥ओ३म्॥ का जप करते समय १०८ प्रकार की विशेष भेदक ध्वनी तरंगे उत्पन्न होती है जो किसी भी प्रकार के शारीरिक व मानसिक घातक रोगों के कारण का समूल विनाश व शारीरिक व मानसिक विकास का मूल कारण है। बौद्धिक विकास व स्मरण शक्ति के विकास में अत्यन्त […]

गौ माता माहात्म्य | Gau Mata Mahatmyam

गौ कृपा केवलम 1 गौ माता जीस जगह खडी रहकर आनंद पुर्वक चैन की सांस लेती है। वहा वास्तु दोष समाप्त हो जाते है। 2 गौ माता मे तैतीस कोटी देवी देवताओं का वास है। 3 गौ माता जीस जगह खुशी से रभांने से देवी देवता पुष्प वर्षा करते है। 4 गौ माता के गले […]

यह रामचरितमानस की चौपाइयों के जप से बड़े बड़े संकट होंगे समाप्त

यह रामचरितमानस की चौपाइयों के जप से बड़े बड़े संकट होंगे समाप्त.. रामचरितमानस की चौपाइयों में ऐसी क्षमता है कि इन चौपाइयों के जप से ही मनुष्य बड़े-से-बड़े संकट में भी मुक्त हो जाता है। इन मंत्रो का जीवन में प्रयोग अवश्य करे प्रभु श्रीराम आप के जीवन को सुखमय बना देगे। 1.* रक्षा के […]

मन्त्रों से रोग निवारण | Mantro Se Rog Nivaran

मन्त्रों से करें रोग निवारण.. कैंसर रोग निवारण, मस्तिष्क रोग निवारण, आंखों के रोग निवारण, हृदय रोग निवारण, स्नायु रोग निवारण, कान संबंधी रोग निवारण.. कैंसर रोग “ॐ नम: शिवाय शंभवे कर्केशाय नमो नम:।” यह मंत्र किसी भी तरह के कैंसर रोग में लाभदायक होता है। मस्तिष्क रोग “ॐ उमा देवीभ्यां नम:।” यह मंत्र मस्तिष्क संबंधी विभिन्न रोगों जैसे सिरदर्द, हिस्टीरिया, याददाश्त जाने आदि […]

भोजन ग्रहण के नियम | Bhojan Grahan Niyam

भोजन ग्रहण करने के कुछ नियम है पांच अंगो ( दो हाथ , २ पैर , मुख ) को अच्छी तरह से धो कर ही भोजन करे। गीले पैरों खाने से आयु में वृद्धि होती है। प्रातः और सायं ही भोजन का विधान है। पूर्व और उत्तर दिशा की ओर मुह करके ही खाना चाहिए। […]

पौराणिक काल के 24 चर्चित श्राप | 24 Pauranik Shraap

पौराणिक 24 श्राप जानिए पौराणिक काल के 24 चर्चित श्राप और उनके पीछे की कहानी हिन्दू पौराणिक ग्रंथो में अनेको अनेक श्रापों का वर्णन मिलता है। हर श्राप के पीछे कोई न कोई कहानी जरूर मिलती है। आज हम आपको हिन्दू धर्म ग्रंथो में उल्लेखित 24 ऐसे ही प्रसिद्ध श्राप और उनके पीछे की कहानी […]

नित्य पूजा पाठ के नियम | Nitya Puja Paath Ke Niyam

नित्य पूजा पाठ के नियम कई बार लोग प्रश्न करते हैं कि घर में नियमित पूजा-पाठ किस तरह की जाये और किस भगवान की पूजा की जाये शुद्ध आसन पर बैठकर प्रातः और संध्या को पूजा अर्चना करने को नित्य नियम कहते हैं पाठ का क्रम इस तरह से होना चाहिए :- 1. सर्वप्रथम गणेश जी की उपासना:- […]

मनोकामनाओं हेतु वृक्ष | Manokamna hetu Vriksh

मनोकामनाओं हेतु वृक्ष – विशेष तरह के मनोकामना पूरी होने के लिए हर एक विशेष वृक्ष लगाना चाहिए. हमारे सनातन संप्रदाय में वृक्ष, पशु, पक्षी और सारी प्रकृति की भूमिका बढ़ी महत्वपूर्ण होती है. हिन्दु धर्म में अनेको वृक्षों को पूज्य मानकर उनकी पूजा की जाती है । वृक्षों से हमें बहुत से लाभ है । […]

पूजा-पाठ में दीपक क्यों जलाया जाता है | Deepak Jalana Kyu

पूजा-पाठ में दीपक क्यों जलाया जाता है। मान्यता है कि अग्नि देव को साक्षी मानकर उसकी मौजूदगी में किए काम जरूर सफल होते हैं। हमारे शरीर की रचना में सहायक पांच तत्वों में से अग्नि भी एक है। दूसरा अग्नि पृथ्वी पर सूर्य का बदला हुआ रूप है। इसलिए किसी भी देवी- देवता के पूजन […]