Dubri Satam Vrat Katha in Hindi | दुबड़ी सातें, दुबड़ी सप्तमी व्रत कथा

भाद्रपद शुक्ला सप्तमी को दुबड़ी सप्तमी के नाम से मनाया जाता है| यह त्योहार राजस्थान में मुख्य रूप में मनाया जाता है| जिस दिन महिलाएं अपने संतान की मंगल कामना के लिए व्रत करती है तथा दुबड़ी माता की पूजा करते हैं| जिस दिन एक पाटे पर कुछ बच्चों (दुबड़ी) की मूर्ति, सर्पों की मूर्ति, […]

कृष्णा को क्यों प्रिय है बांसुरी ?

भगवान श्री कृष्ण को पांच चीजों से बहुत प्रेम है एक उनकी बांसुरी जो हमेशा उनके होंठों से लगी रहती है दूसरी गाय जिनके साथ कृष्णा का शाखा के समान व्यवहार है | इसी तरह कृष्णा को माखन मिश्री मोर पंख और कमल अति प्रिय है | कृष्णा का इनके प्रति प्रेम का उद्देश्य मनुष्य […]

क्यों पहनते है श्री कृष्ण गले में वैजयंती माला

Krishna as Damodara

भगवान श्री कृष्ण को पांच चीजों से बहुत प्रेम है एक उनकी बांसुरी जो हमेशा उनके होंठों से लगी रहती है दूसरी गाय जिनके साथ कृष्णा का शाखा के समान व्यवहार है | इसी तरह कृष्णा को माखन मिश्री मोर पंख और कमल अति प्रिय है | कृष्णा का इनके प्रति प्रेम का उद्देश्य मनुष्य […]

कृष्णा को माखन, मिश्री क्यों प्यारा है?

Damodara Krishna

भगवान श्री कृष्ण को पांच चीजों से बहुत प्रेम है एक उनकी बांसुरी जो हमेशा उनके होंठों से लगी रहती है दूसरी गाय जिनके साथ कृष्णा का शाखा के समान व्यवहार है | इसी तरह कृष्णा को माखन मिश्री मोर पंख और कमल अति प्रिय है | कृष्णा का इनके प्रति प्रेम का उद्देश्य मनुष्य […]

क्यों कृष्णा को कमल से प्रेम है?

Wallpapers Of Lord Shri Krishna And Radha

भगवान श्री कृष्ण को पांच चीजों से बहुत प्रेम है एक उनकी बांसुरी जो हमेशा उनके होंठों से लगी रहती है दूसरी गाय जिनके साथ कृष्णा का शाखा के समान व्यवहार है | इसी तरह कृष्णा को माखन मिश्री मोर पंख और कमल अति प्रिय है | कृष्णा का इनके प्रति प्रेम का उद्देश्य मनुष्य […]

इसलिए कृष्ण मोर पंख धारण करते हैं

lord krishna wallpaper 1

भगवान श्री कृष्ण को पांच चीजों से बहुत प्रेम है एक उनकी बांसुरी जो हमेशा उनके होंठों से लगी रहती है दूसरी गाय जिनके साथ कृष्णा का शाखा के समान व्यवहार है | इसी तरह कृष्णा को माखन मिश्री मोर पंख और कमल अति प्रिय है | कृष्णा का इनके प्रति प्रेम का उद्देश्य मनुष्य […]

कृष्णा को प्यारी है गाय

Lord Bala Krishna with cow

भगवान श्री कृष्ण को पांच चीजों से बहुत प्रेम है एक उनकी बांसुरी जो हमेशा उनके होंठों से लगी रहती है दूसरी गाय जिनके साथ कृष्णा का शाखा के समान व्यवहार है | इसी तरह कृष्णा को माखन मिश्री मोर पंख और कमल अति प्रिय है | कृष्णा का इनके प्रति प्रेम का उद्देश्य मनुष्य […]

संतान प्राप्ति के प्रयोग करें जन्माष्टमी के दिन | Childless Couple ke liye Achuk Upay

श्री कृष्णा जन्माष्टमी संतान प्राप्ति की कामना हेतु प्रयोग के लिए एक अद्भुत अवसर है| श्रवण पूर्णिमा के बाद कृष्णा पक्ष अष्टमी दिन मानते है श्री कृष्णा जन्माष्टमी पर्व. यह पर्व उन लोगों के लिए विशेष मुहूर्त का दिन भी है, जो संतान की अभिलाषा रखते है और इस हेतु कोई साधना या प्रयोग या […]

चंद्रग्रहण राशिफल, 16 जुलाई 2019 (in Hindi)

16|17 जुलाई 2019 का चंद्रग्रहण उत्तराषाढ़ा नक्षत्र तथा धनु और मकर राषिकालीन घटित हो रहा है | इन नक्षत्रों एवं राशिवालों को ग्रहण का फल विशेष रूप से अशुभ एवं कष्टकारी हो सकता है | जिस राशि के लिए ग्रहण का अशुभ फल लिखा है, वह यथाशक्ति जप, पाठ, ग्रहण-शांति (चंद्र एवं राहु) एवं दानादि […]

हरछठ

हरछठ पूजा ( हलषष्ठी) यह त्यौहार भादों कृष्ण पक्ष की छठ को मनाया जाता है। इसी दिन श्री कृष्ण के बड़े भाई बलराम का जन्म हुआ था। यह व्रत केवल पुत्रवती महिलाएं करती हैं। इस व्रत में पेड़ों के फल बिना बोया अनाज आदि खाने का विधान है।केवल पड़िया (भैंस का बच्चा ) वाली भैंस […]

राधाष्टमी पूजन

सनातन धर्म में भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि श्री राधाष्टमी के नाम से प्रसिद्ध है। शास्त्रों में इस तिथि को श्री राधाजी का प्राकट्य दिवस माना गया है। श्री राधाजी वृषभानु की यज्ञ भूमि से प्रकट हुई थीं। वेद तथा पुराणादि में जिनका ‘कृष्ण वल्लभा’ कहकर गुणगान किया गया है, वे श्री […]

वैभव लक्ष्मी व्रत

शुक्रवार को लक्ष्मी देवी का भी व्रत रखा जाता है। इसे वैभवलक्ष्मी व्रत भी कहा जाता है। इस दिन स्त्री-पुरुष देवी लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करते हुए श्वेत पुष्प, श्वेत चंदन से पूजा कर तथा चावल और खीर से भगवान को भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण करते हैं। इस व्रत के दिन उपासक को एक समय भोजन […]

रविवार व्रत कथा | Ravivar Vrat Katha in Hindi

प्राचीन काल में एक बुढ़िया रहती थी. वह नियमित रूप से रविवार का व्रत करती. रविवार के दिन सूर्योदय से पहले उठकर बुढ़िया स्नानादि से निवृत्त होकर आंगन को गोबर से लीपकर स्वच्छ करती, उसके बाद सूर्य भगवान की पूजा करते हुए रविवार व्रत कथा सुन कर सूर्य भगवान का भोग लगाकर दिन में एक […]

Vat Savitri Vrat Katha in Hindi

Here is the story of Vat Savitri Vrat in Hindi. Vat Savitri Vrat Katha is mentioned in the Mahabharata as a conversation between King Yudhishtira and Markandeya. The story of Vat Savitri Vrat goes like this… सावित्री और सत्यवान की कथा सबसे पहले महाभारत के वनपर्व में मिलती है। जब युधिष्ठिर मारकण्डेय ऋषि से पूछ्ते […]

Mangalvar Vrat Katha in Hindi | मंगलवार व्रत कथा

Mangalvar Vrat Katha in Hindi, Story of Mangalvar Vrat in Hindi is explained here along with the Mangal Bhagavan Katha. प्राचीन समय में ऋषिनगर में केशवदत्त ब्राह्मण अपनी पत्नी अंजलि के साथ रहता था. केशवदत्त को धन-संपत्ति की कोई कमी नहीं थी. सभी लोग केशवदत्त का सम्मान करते थे, लेकिन कोई संतान नहीं होने के कारण […]

Guruvar Vrat Katha in Hindi | Brihaspati Vaar Vrat Katha in Hindi

Guruvar Vrat Katha in Hindi, Story of Brihaspati Vaar Vrat in Hindi is explained here along with the Brihaspati Bhagavan Katha. वृहस्पतिवार (गुरुवार व्रत) कथा प्राचीन समय की बात है– एक बड़ा प्रतापी तथा दानी राजा था, वह प्रत्येक गुरुवार को व्रत रखता एवं पून करता था. यह उसकी रानी को अच्छा न लगता. न […]

शनि की कुदृष्टि के है अनेक शिकार

शनि के कारण ही पार्वती पुत्र भगवान गणेश का सिर छेदन हुआ, भगवान राम को वनवास हुआ एवं लंकापति रावण का संहार हुआ और पांडवों का वनवास हुआ | शनि के कोप के कारण ही विक्रमादित्य जैसे राजा को कई कष्ट का सामना करना पड़ा तथा त्रेता युग में राजा हरिश्चंद्र को दर-दर की ठोकरें […]

कैसे हुए शनिदेव लंगड़े | How Shani became Lame

पिप्पलाद मुनि की बाल्यावस्था में उनके पिता का देहावसान हो गया था | यमुना के तट पर तपस्वी जीवन व्यतीत करने वाले उनके पिता को शनि ने अत्यधिक कष्ट दिया था | विपन्नता और व्याधि के निरंतर आक्रमण से पिप्पलाद मुनि के पिता के प्राण चले गए थे | उनकी माता अपने पति की मृत्यु […]

Mahashivaratri Vrat Katha in Hindi

महाशिवरात्रि की पवित्र प्रामाणिक कथा पूर्व काल में चित्रभानु नामक एक शिकारी था। जानवरों की हत्या करके वह अपने परिवार को पालता था। वह एक साहूकार का कर्जदार था, लेकिन उसका ऋण समय पर न चुका सका। क्रोधित साहूकार ने शिकारी को शिवमठ में बंदी बना लिया। संयोग से उस दिन शिवरात्रि थी। शिकारी ध्यानमग्न […]

सूर्य को जल चढाने क्या फायदे | Surya Ko Jal Chadane Ki Faayde

सूर्य को जल चढाने क्या फायदे सूर्य को जल चढ़ाने से हमारे व्यक्तित्व पर सीधा असर होता है। ज्योतिष की मान्यता है कि सूर्य देव सभी ग्रहों के स्वामी हैं, इसलिए यदि वे हमसे प्रसन्न रहते हैं तो बाकी ग्रहों की भी कृपा प्राप्त की जा सकती है। विज्ञान के अनुसार भी सूर्य को जल […]