पुष्य नक्षत्र फलम 2020-21 | पुष्य नक्षत्र भविष्य 2020-2021

पुष्य नक्षत्र सनातन ज्योतिष क्षेत्र की २७ नक्षत्र चक्र में आठवाँ नक्षत्र है | नक्षत्र के अनुसार कर्क राशि: पुनर्वसु नक्षत्र का चौथा चरण; पुष्य नक्षत्र का चारों चरण; अश्लेषा नक्षत्र का चारों चरण | पुष्य नक्षत्र भविष्य अप्रैल 2020 इस माह आपको कुत्ता, बिल्ली और हाथी जैसे जानवरों से डर रहेगा | अस्तिरता और […]

पुनर्वसु नक्षत्र फलम 2020-21 | पुनर्वसु नक्षत्र भविष्य 2020-2021

पुनर्वसु नक्षत्र सनातन ज्योतिष क्षेत्र की २७ नक्षत्र चक्र में सातवाँ नक्षत्र है | नक्षत्र के अनुसार मिथुन राशि: मृगशीर्ष नक्षत्र का तीसरा और चौथा चरण; अरुद्रा नक्षत्र का चार चरण; पुनर्वसु नक्षत्र का पहला, दूसरा और तीसरा चरण | नक्षत्र के अनुसार कर्क राशि: पुनर्वसु नक्षत्र का चौथा चरण; पुष्य नक्षत्र का चारों चरण; […]

आर्द्रा नक्षत्र फलम 2020-21 | आर्द्रा नक्षत्र भविष्य 2020-2021

आर्द्रा नक्षत्र सनातन ज्योतिष क्षेत्र की २७ नक्षत्र चक्र में छटवां नक्षत्र है | नक्षत्र के अनुसार मिथुन राशि: मृगशीर्ष नक्षत्र का तीसरा और चौथा चरण; अरुद्रा नक्षत्र का चार चरण; पुनर्वसु नक्षत्र का पहला, दूसरा और तीसरा चरण. आर्द्रा नक्षत्र भविष्य अप्रैल 2020 इस माह में आपके बहुत बड़ी दुश्मन है – आपके क्रोध […]

मृगशीर्ष नक्षत्र फलम 2020-21 | मृगशीर्ष नक्षत्र भविष्य 2020-2021

मृगशीर्ष नक्षत्र सनातन ज्योतिष क्षेत्र की २७ नक्षत्र चक्र में पांचवी नक्षत्र है | नक्षत्र के अनुसार वृषभ राशि: कृत्तिका नक्षत्र का दूसरा, तीसरा और चौथा चरण; रोहिणी नक्षत्र का चार चरण; मृगशीर्ष नक्षत्र का पहला और दूसरा चरण | नक्षत्र के अनुसार मिथुन राशि: मृगशीर्ष नक्षत्र का तीसरा और चौथा चरण; अरुद्रा नक्षत्र का चार […]

रोहिणी नक्षत्र फलम 2020-21 | रोहिणी नक्षत्र भविष्य 2020-2021

रोहिणी नक्षत्र सनातन ज्योतिष क्षेत्र की २७ नक्षत्र चक्र में चौथी नक्षत्र है | नक्षत्र के अनुसार वृषभ राशि: कृत्तिका नक्षत्र का दूसरा, तीसरा और चौथा चरण; रोहिणी नक्षत्र का चार चरण; मृगशीर्ष नक्षत्र का पहला और दूसरा चरण | रोहिणी नक्षत्र भविष्य अप्रैल 2020 इस माह में आपके आर्थिक स्तिति अनुकूल रहेगी | आपके संतुलित […]

कृत्तिका नक्षत्र फलम 2020-21 | कृत्तिका नक्षत्र भविष्य 2020-2021

कृत्तिका नक्षत्र सनातन ज्योतिष क्षेत्र की २७ नक्षत्र चक्र में तीसरी नक्षत्र है | नक्षत्र के अनुसार मेष राशि: अश्विनी नक्षत्र का चार चरण, भरणी नक्षत्र का चार चरण और कृत्तिका नक्षत्र का पहला चरण | नक्षत्र के अनुसार वृषभ राशि: कृत्तिका नक्षत्र का दूसरा, तीसरा और चौथा चरण; रोहिणी नक्षत्र का चार चरण; मृगशीर्ष […]

भरणी नक्षत्र फलम 2020-21 | भरणी नक्षत्र भविष्य 2020-2021

भरणी नक्षत्र सनातन ज्योतिष क्षेत्र की २७ नक्षत्र चक्र में द्वितीय नक्षत्र है | भरणी नक्षत्र की चारो चरणों में जन्म लिए जातक मेष राशि के अंतर्गत आते है। भरणी नक्षत्र भविष्य अप्रैल 2020 धनलाभ की सुचना है| आपका मानसिक संतुलन और व्यक्तित्व आपको उंचाईयों की तरफ लेजायेगा | स्वस्थ और अर्थ व्यवस्ता आपके दशा […]

अश्विनी नक्षत्र फलम 2022-23 | अश्विनी नक्षत्र भविष्य 2022-2023

अश्विनी नक्षत्र सनातन ज्योतिष क्षेत्र की २७ नक्षत्र चक्र में प्रथम नक्षत्र है | अश्विनी नक्षत्र की चारो चरणों में जन्म लिए जातक मेष राशि के अंतर्गत आते है। अश्विनी नक्षत्र भविष्य अप्रैल 2022 बॉस के द्वारा आपको एक चेतावनी मिलने की आशंका है| आपको इस माह अस्त्र भीति और अग्नि भीति की आशंका है […]

शव यात्रा में राम नाम सत्य हैं क्यों बोला जाता है | Raam Naam Satya Hain in Shav Yatra

जानिए क्यों बोला जाता है शव यात्रा में राम नाम सत्य है……. जब किसी को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जाता है तब लोग राम नाम सत्य हैकहते जाते हैं। जब कि कभी किसी खुशी के महौल में इस चार शब्दों का एक साथ उच्चारण नहीं किया जाता है। जिससे अक्सर लोगों के मन […]

शनि की दृष्टी क्रूर कैसे हुयी | How Shani’s Drushti became Cruel

भगवान सूर्य और छाया की संतान शनि का जन्म जेष्ठ कृष्ण अमावस्या के दिन हुआ था | भगवान सूर्य के अन्य पुत्रों की अपेक्षा शनि प्रारंभ से ही विपरीत स्वभाव के थे | कहते हैं कि जब शनि पैदा हुए तो उनकी नजर अपने पिता सूर्य पर पड़ते ही उन्हें कुष्ठ रोग हो गया था […]

Shanivar Vrat Katha in Hindi | शनिवार व्रत कथा

एक समय में स्वर्गलोक में सबसे बड़ा कौन के प्रश्न पर नौ ग्रहों में वाद-विवाद हो गया. यह विवाद इतना बढ़ा की आपस में भयंकर युद्ध की स्थिति बन गई. निर्णय के लिए सभी देवता देवराज इन्द्र के पास पहुंचे और बोले- हे देवराज, आपको निर्णय करना होगा कि हममें से सबसे बड़ा कौन है. […]

परिक्रमा – क्यों और कितनी, किस देव की कितनी परिक्रमा करनी चाहिये, परिक्रमा के नियम | Parikrama Kyon Kitni

परिक्रमा – क्यों और कितनी …. जब हम मंदिर जाते है तो हम भगवान की परिक्रमा जरुर लगाते है. पर क्या कभी हमने ये सोचा है कि देव मूर्ति की परिक्रमा क्यो की जाती है? शास्त्रों में लिखा है जिस स्थान पर मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हुई हो, उसके मध्य बिंदु से लेकर कुछ दूरी तक […]

शौच के नियम | Shauch Ke Niyam

शौच के कुछ नियम.. ये शौच के नियम करें नित्य पालन 1. मल त्याग करते समय शीघ्रता से श्वास ग्रहण नहीं करनी चाहिये। *(ब्रह्मवैवर्तपुराण, ब्रह्म. 26/26)* ———————– 2. किसी जलाशय से बारह अथवा सोलह हाथ की दूरी पर मूत्र- त्याग ओर उससे चार गुणा अधिक दूरी पर ही मल-त्याग करना चाहिये।अर्थात इन जल स्रोतों से […]

कौन सी बर्तन में भोजन करने से क्या लाभ और क्या हानि

कौन सी धातु के बर्तन में भोजन करने से क्या क्या लाभ और हानि होती है……. *सोना* सोना एक गर्म धातु है। सोने से बने पात्र में भोजन बनाने और करने से शरीर के आन्तरिक और बाहरी दोनों हिस्से कठोर, बलवान, ताकतवर और मजबूत बनते है और साथ साथ सोना आँखों की रौशनी बढ़ता है। […]

भविष्यकथन में षड्बल का महत्व | Bhavishyaphal mein Shadbhal ka Mahatv

भविष्यकथन में षड्बल का महत्व | Bhavishyaphal mein Shadbhal ka Mahatv…. भविष्यकथन में ग्रह बल की गणना अति आवश्यक है। यदि ग्रह योगकारक है तो वह पूर्ण फल तभी दे सकता है जब वह बली हो। मारक ग्रह निष्फल हो सकता है यदि वह निर्बल हो। इस बलाबल को जानने के लिए ज्योतिष की सर्वोत्कृष्ट […]

एक गोत्र में शादी क्यूँ नहीं करनी चाहिए | इसके पीछे कुछ वैगनानिक कारण

एक गोत्र में शादी क्यूँ नहीं…. वैज्ञानिक कारण हैं? एक गोत्र में शादी क्यूँ नहीं करनी चाहिए? इसके पीछे कुछ वैगनानिक कारण भी है.. एक दिन डिस्कवरी पर जेनेटिक बीमारियों से सम्बन्धित एक ज्ञानवर्धक कार्यक्रम देख रहा था … उस प्रोग्राम में एक अमेरिकी वैज्ञानिक ने कहा की जेनेटिक बीमारी न हो इसका एक ही इलाज है और वो […]

कान छिदवाने में वैगनानिक कारन | Scientific Reason of Ear Piercing in Hindi

कान छिदवाने की परम्परा में भी वैगनानिक कारन छुपा हुआ है.. हर एक हिन्दू परपम्परा में कोई न कोई वैगनानिक कारन छुपा हुआ है.. भारत में लगभग सभी धर्मों में कान छिदवाने की परम्परा है। वैज्ञानिक तर्क- दर्शनशास्त्री मानते हैं कि इससे सोचने की शक्त‍ि बढ़ती है। जबकि डॉक्टरों का मानना है कि इससे बोली अच्छी होती […]

कृष्णा को क्यों प्रिय है बांसुरी ?

भगवान श्री कृष्ण को पांच चीजों से बहुत प्रेम है एक उनकी बांसुरी जो हमेशा उनके होंठों से लगी रहती है दूसरी गाय जिनके साथ कृष्णा का शाखा के समान व्यवहार है | इसी तरह कृष्णा को माखन मिश्री मोर पंख और कमल अति प्रिय है | कृष्णा का इनके प्रति प्रेम का उद्देश्य मनुष्य […]

क्यों पहनते है श्री कृष्ण गले में वैजयंती माला

Krishna as Damodara

भगवान श्री कृष्ण को पांच चीजों से बहुत प्रेम है एक उनकी बांसुरी जो हमेशा उनके होंठों से लगी रहती है दूसरी गाय जिनके साथ कृष्णा का शाखा के समान व्यवहार है | इसी तरह कृष्णा को माखन मिश्री मोर पंख और कमल अति प्रिय है | कृष्णा का इनके प्रति प्रेम का उद्देश्य मनुष्य […]

कृष्णा को माखन, मिश्री क्यों प्यारा है?

Damodara Krishna

भगवान श्री कृष्ण को पांच चीजों से बहुत प्रेम है एक उनकी बांसुरी जो हमेशा उनके होंठों से लगी रहती है दूसरी गाय जिनके साथ कृष्णा का शाखा के समान व्यवहार है | इसी तरह कृष्णा को माखन मिश्री मोर पंख और कमल अति प्रिय है | कृष्णा का इनके प्रति प्रेम का उद्देश्य मनुष्य […]