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शनि की दृष्टी क्रूर कैसे हुयी | How Shani’s Drushti became Cruel

भगवान सूर्य और छाया की संतान शनि का जन्म जेष्ठ कृष्ण अमावस्या के दिन हुआ था | भगवान सूर्य के अन्य पुत्रों की अपेक्षा शनि प्रारंभ से ही विपरीत स्वभाव के थे | कहते हैं कि जब शनि पैदा हुए तो उनकी नजर अपने पिता सूर्य पर पड़ते ही उन्हें कुष्ठ रोग हो गया था |

धीरे-धीरे शनि बड़े होने लगे  और उनका अपने पिता से मतभेद भी गहराने लगा | सूर्य सदैव अपने इस पुत्र के प्रति चिंतित रहते थे | वे चाहते थे कि शनि अच्छे कर्म करें और एक आदर्श स्थापित करें परंतु उन्हें निराशा होना पड़ा |

शनि की अधोदृष्टि क्रूरता का रहस्य इनकी पत्नी द्वारा दिए गए शॉप में निहित है | एक बार ऋतु स्त्राव से निवृत होकर शनि की पत्नी पुत्र अभिलाषा से उनकी सेवा में उपस्थित हुई | शनि समाधि में लीन थे |

पत्नी का रितु काल चला गया | आहत होकर पत्नी ने शनि को शाप दिया कि उनकी नेत्र ज्योति निम्न रहेगी | जिस पर तुम्हारी दृष्टि पड़ जाएगी वह नष्ट हो जाएगा |

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