यह रामचरितमानस की चौपाइयों के जप से बड़े बड़े संकट होंगे समाप्त

यह रामचरितमानस की चौपाइयों के जप से बड़े बड़े संकट होंगे समाप्त.. रामचरितमानस की चौपाइयों में ऐसी क्षमता है कि इन चौपाइयों के जप से ही मनुष्य बड़े-से-बड़े संकट में भी मुक्त हो जाता है। इन मंत्रो का जीवन में प्रयोग अवश्य करे प्रभु श्रीराम आप के जीवन को सुखमय बना देगे। 1.* रक्षा के […]

शंख का महत्त्व – शंख का स्वास्थय में, धर्म में, ज्योतिष में उपयोग | Shankh Mahatv

शंख का महत्त्व – शंख का स्वास्थय में, धर्म में, ज्योतिष में उपयोग | Shankh ka Mahatv. Importance of Shankh (Conch) in Health, Sanatan Dharma and Jyotish (Astrology). आइये जाने शंख का स्वास्थय में, धर्म में, ज्योतिष में उपयोग शंख का स्वस्थ्य में महत्व १ : शंख की आकृति और पृथ्वी की संरचना समान है […]

संपूर्ण सफलता का रहस्य – 108 | 108 – Sampurna Saphalta Ka Rahasya

सम्पूर्ण सफलता का रहस्य ॥ १०८ ॥ ॥ओ३म्॥ का जप करते समय १०८ प्रकार की विशेष भेदक ध्वनी तरंगे उत्पन्न होती है जो किसी भी प्रकार के शारीरिक व मानसिक घातक रोगों के कारण का समूल विनाश व शारीरिक व मानसिक विकास का मूल कारण है। बौद्धिक विकास व स्मरण शक्ति के विकास में अत्यन्त […]

कौनसी पूजा में कौनसी तिलक धरना करनी है | Kaunsi Puja me Kaunsi Tilak

कौनसी पूजा में कौनसी तिलक धरना करनी है | Kaunsi Puja me Kaunsi Tilak. शिवा पूजन करने समय, कृष्णा पूजन करने समय, देवी पूजन करने समय, गणपति पूजन करने समय – कौनसी तिलक धरना करनी है | ललाट के मध्यभाग में दोनों भौहों से कुछ ऊपर ललाट बिंदु कहलाता है। सदैव इसी स्थान पर तिलक […]

भोजन ग्रहण के नियम | Bhojan Grahan Niyam

भोजन ग्रहण करने के कुछ नियम है पांच अंगो ( दो हाथ , २ पैर , मुख ) को अच्छी तरह से धो कर ही भोजन करे। गीले पैरों खाने से आयु में वृद्धि होती है। प्रातः और सायं ही भोजन का विधान है। पूर्व और उत्तर दिशा की ओर मुह करके ही खाना चाहिए। […]

पौराणिक काल के 24 चर्चित श्राप | 24 Pauranik Shraap

पौराणिक 24 श्राप जानिए पौराणिक काल के 24 चर्चित श्राप और उनके पीछे की कहानी हिन्दू पौराणिक ग्रंथो में अनेको अनेक श्रापों का वर्णन मिलता है। हर श्राप के पीछे कोई न कोई कहानी जरूर मिलती है। आज हम आपको हिन्दू धर्म ग्रंथो में उल्लेखित 24 ऐसे ही प्रसिद्ध श्राप और उनके पीछे की कहानी […]

छठ पूजा के लिए कौन-कौन से सामग्री की आवश्यकता होती है | Chhath Puja Samagri List

कार्तिक मास में छठ पूजा के लिए आवश्यक सामग्री की सूची निम्नलिखित है: छठ पूजा के लिए आवश्यक सामग्री गन्ना पानी वाला नारियल अक्षत (चावल) पीला सिंदूर दीपक (घी का दीपक) घी बाती कुमकुम चंदन धूपबत्ती कपूर अगरबत्ती माचिस फूल हरे पान के पत्ते साबुत सुपाड़ी शहद अन्य सामग्री हल्दी मूली और अदरक का हरा पौधा बड़ा मीठा नींबू शरीफा […]

नित्य पूजा पाठ के नियम | Nitya Puja Paath Ke Niyam

नित्य पूजा पाठ के नियम कई बार लोग प्रश्न करते हैं कि घर में नियमित पूजा-पाठ किस तरह की जाये और किस भगवान की पूजा की जाये शुद्ध आसन पर बैठकर प्रातः और संध्या को पूजा अर्चना करने को नित्य नियम कहते हैं पाठ का क्रम इस तरह से होना चाहिए :- 1. सर्वप्रथम गणेश जी की उपासना:- […]

मनोकामनाओं हेतु वृक्ष | Manokamna hetu Vriksh

मनोकामनाओं हेतु वृक्ष – विशेष तरह के मनोकामना पूरी होने के लिए हर एक विशेष वृक्ष लगाना चाहिए. हमारे सनातन संप्रदाय में वृक्ष, पशु, पक्षी और सारी प्रकृति की भूमिका बढ़ी महत्वपूर्ण होती है. हिन्दु धर्म में अनेको वृक्षों को पूज्य मानकर उनकी पूजा की जाती है । वृक्षों से हमें बहुत से लाभ है । […]

पूजा-पाठ में दीपक क्यों जलाया जाता है | Deepak Jalana Kyu

पूजा-पाठ में दीपक क्यों जलाया जाता है। मान्यता है कि अग्नि देव को साक्षी मानकर उसकी मौजूदगी में किए काम जरूर सफल होते हैं। हमारे शरीर की रचना में सहायक पांच तत्वों में से अग्नि भी एक है। दूसरा अग्नि पृथ्वी पर सूर्य का बदला हुआ रूप है। इसलिए किसी भी देवी- देवता के पूजन […]

कुण्डली के अशुभ योगों की शान्ति | Ashubh Yog Ki Shanti

कुण्डली के अशुभ योगों की शान्ति.. जन्मकुंडली में अशुभ योगों से कैसे छुटकारा पाये? जन्म कुंडली के अशुभयोगों की शांति. कैसे कराये कुंडली में अशुभ योगों के शांति. 1).चांडाल योग=गुरु के साथ राहु या केतु हो तो जातक बुजुर्गों का एवम् गुरुजनों का निरादर करता है ,मोफट होता है,तथा अभद्र भाषा का प्रयोग करता है.यह जातक […]

बिल्वपत्र की महत्ता | Bilva Patra Ki Mahatv

बिल्वपत्र की महत्ता हरि ॐ नम: शिवाय ★शिव पुराण के अनुसार शिवलिंग पर कई प्रकार की सामग्री फूल-पत्तियां चढ़ाई जाती हैं। इन्हीं में से सबसे महत्वपूर्ण है बिल्वपत्र। बिल्वपत्र से जुड़ी खास बातें जानने के बाद आप भी मानेंगे कि बिल्व का पेड बहुत चमत्कारी है— ●पुराणों के अनुसार रविवार के दिन और द्वादशी तिथि […]

Ahoi Ashtami Vrat Katha in Hindi | अहोई अष्टमी व्रत कथा

अहोई अष्टमी का व्रत सन्तान की उन्नति, प्रगति और दीर्घायु के लिए होता है| यह व्रत कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी को किया जाता है| दीपावली के ठीक एक हफ्ते  पहले पड़ती है l अहोई अष्टमी का व्रत विधि व्रत करने वाली स्त्री को इस दिन उपवास रखना चाहिए| सायं काल दीवार पर अष्ट कोष्ठक की […]

Karva Chauth Vrat Katha in Hindi | Karwa Chauth Katha or Story in Hindi

Karva Chauth vrat katha or Karwa Chauth story is an important aspect of Karwa Chouth vrat. Here you can get Karva Chauth Vrat Katha in Hindi. Vrat katha is associated with a woman named Karva. Her husband was caught by crocodile. Seeing this incident, Karva tied a cotton yarn to that animal and prayed to […]

करवा चौथ व्रत विधि | Karva Chauth Vrat Vidhi in Hindi

कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करकचतुर्थी (करवा-चौथ) व्रत करने का विधान है। इस व्रत की विशेषता यह है कि केवल सौभाग्यवती स्त्रियों को ही यह व्रत करने का अधिकार है। स्त्री किसी भी आयु, जाति, वर्ण, संप्रदाय की हो, सबको इस व्रत को करने का अधिकार है। जो सौभाग्यवती (सुहागिन) स्त्रियाँ अपने पति की […]

कार्तिक मॉस माहात्म्य, अध्याय – 2 | Hindi – Kartik Maas Mahatmya Katha – 2nd Chapter

भगवान श्रीकृष्ण आगे बोले – हे प्रिये! जब गुणवती को राक्षस द्वारा अपने पति एवं पिता के मारे जाने का समाचार मिला तो वह विलाप करने लगी – हा नाथ! हा पिता! मुझको त्यागकर तुम कहां चले गये? मैं अकेली स्त्री, तुम्हारे बिना अब क्या करूँ? अब मेरे भोजन, वस्त्र आदि की व्यवस्था कौन करेगा. […]

कार्तिक मॉस माहात्म्य, अध्याय – 1 | Hindi – Kartik Maas Mahatmya – 1st Chapter

नैमिषारण्य तीर्थ में श्रीसूतजी ने अठ्ठासी हजार शौनकादि ऋषियों से कहा – अब मैं आपको कार्तिक मास की कथा विस्तारपूर्वक सुनाता हूँ, जिसका श्रवण करने से मनुष्य के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और अन्त समय में वैकुण्ठ धाम की प्राप्ति होती है. सूतजी ने कहा – श्रीकृष्ण जी से अनुमति लेकर देवर्षि नारद […]

गायत्री मंत्र की महत्त्व | Gayatri Mantra Ki Mahatv

शास्त्रों के अनुसार गायत्री वेदमाता हैं एवं मनुष्य के समस्त पापों का नाश करने की शक्ति उनमें है। गायत्री को भारतीय संस्कृति की जननी कहा गया है। गायत्री मंत्र को वेदों का सर्वश्रेष्ठ मंत्र बताया गया है। इसके जप के लिए तीन समय बताए गए हैं। गायत्री मंत्र का जप का पहला समय है प्रात:काल, […]

Sharad Purnima Vrat Katha in Hindi

 एक साहूकार के दो पुत्रियां थी. दोनों पुत्रियां पूर्णिमा का व्रत रखती थी, परन्तु बड़ी पुत्री विधिपूर्वक पूरा व्रत करती थी जबकि छोटी पुत्री अधूरा व्रत ही किया करती थी.  परिणामस्वरूप साहूकार के छोटी पुत्री की संतान पैदा होते ही मर जाती थी. उसने पंडितों से अपने संतानों के मरने का कारण पूछा तो उन्होंने […]

श्री विद्या साधना | प्रमुख विधियां, मुख्य मंत्र

Rajarajeshwari Devi

श्री विद्या साधना | प्रमुख विधियां, मुख्य मंत्र.. श्री विद्या साधना एक गूढ़ तांत्रिक और आध्यात्मिक साधना पद्धति है जिसमें देवी त्रिपुरा सुंदरी की उपासना, श्री यंत्र पूजा और बीज मंत्रों के माध्यम से आत्मिक जागरण और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। इसकी साधना में मंत्र, यंत्र, पूजा, ध्यान, और गुरु-दीक्षा का विशेष महत्व […]