Garbhadhan Muhurat 2018 | गर्भाधान मुहूर्त २०१८ | Auspicious days to Conceive a Baby in 2018

Garbhadhana Samskara is the first Samskara among 16 Sanskar in approved Hindu Dharma Scriptures. After entering into a social and worldly life, this Garbhadhana Samskara is performed.

It is followed immediately on every matrimonial union. Mostly, on the first night of marriage is ceremonially performed.

Garbhadhana marks the seed for best generation. It is performed prior to first sexual intercourse or insemination of a married couple. Main objective of married life is to have the best children and to continue the succession of the family.

According to the Grhya Sutras, at the beginning of the performance of this saṃskara, the wife dressed up and the husband recited Vedic verses consisting similes of natural creation and invocations to gods for helping his wife in conception. The rite of passage marked the milestone where both husband and wife agreed to have a child and raise a family together.

हिन्दू धर्म में गर्भाधान की प्रक्रिया पूरी तरह धार्मिक रूप में अपनाई जाती है। कहने को तो यह केवल एक स्त्री-पुरुष के बीच हुआ संसर्ग ही है लेकिन अगर इस संसर्ग का उद्देश्य संतानोत्पत्ति है तो यह अपने आप में पवित्र कृत्य हो जाता है |

Garbhadhana, also called Garbhalambhanam, literally means attaining the wealth of the womb. It is a private rite of passage, marking the intent of a couple to have a child. It is a ceremony performed before conception and impregnation. In some ancient texts, the word simply refers to the rite of passage where the couple have sex to have a child, and no ceremonies are mentioned.

16 संस्कार के क्रम में गर्भाधान संस्कार सबसे प्रमुख होता है| गर्भाधान संस्कार का महत्व क्या है किस समय उसको करना उत्तम होता है, किस समय में संतान प्राप्ति के लिए प्रयास करना, इसके लिए सर्वोत्तम समय और शास्त्रोक्त विधि क्या है| हमारे शास्त्रों में मान्य सोलह संस्कारों में गर्भाधान पहला संस्कार युक्त जीवन में प्रवेश के उपरांत प्रथम कर्तव्य के रूप में संस्कार को मान्यता दी गई है इस जीवन का प्रमुख उद्देश्य है उत्तम संतति की इच्छा रखने वाले माता-पिता को गर्भाधान अपने तन और मन की पवित्रता के लिए यह संस्कार अवश्य कर लेना चाहिए|

वैदिक काल में यह संस्कार अति महत्वपूर्ण समझा जाता था किंतु आज के समय में हमें से थोड़ा असर छोड़ चुके हैं| इस संस्कार में इस संसार में प्रमुख तथा श्रेष्ठ मानव प्राणी की उत्पत्ति श्रेष्ट,सत्य और दीर्घायु होने के लिए यथाविधि तथा यथा समय बीज स्थापित करना बहुत आवश्यक है| इसी का नाम गर्भाधान संस्कार है जिसका अर्थ होता है गर्व अर्थात बीज की स्थापना करना|

बीज की स्थापना सही मुहूर्त में सही समय में किया जाना सबसे ज्यादा आवश्यक होता है जिससे आप उत्तम संस्कारों से युक्त संतान की उत्पत्ति कर सकें|

गर्भाधान के संबध में स्मृतिसंग्रह में लिखा है –

निषेकाद् बैजिकं चैनो गार्भिकं चापमृज्यते।
क्षेत्रसंस्कारसिद्धिश्च गर्भाधानफलं स्मृतम्।।

अर्थात् विधिपूर्वक संस्कार से युक्त गर्भाधान से अच्छी और सुयोग्य संतान उत्पन्न होती है। इस संस्कार से वीर्यसंबधी पाप का नाश होता है, दोष का मार्जन तथा क्षेत्र का संस्कार होता है। यही गर्भाधान-संस्कार का फल है।

चिकित्साशास्त्र भी इस निष्कर्म पर पहुँचा है की गर्भाधान के समय स्त्री-पुरुष जिस भाव से भावित होते हैं, उसका प्रभाव उनके रज-वीर्य में भी पड़ता है। अतः उस रज-वीर्यजन्य संतान में माता-पिता के वे भाव स्वतः ही प्रकट हो जाते है –

आहाराचारचेष्टाभिर्यादृशोभिः समन्वितौ।
स्त्रीपुंसौ समुपेयातां तयोः पुतोडपि तादृशः ।।

Garbhadhan Muhurat March 2018

28 March 2018, Wednesday – Shukla Dwadashi, Magha Nakshatra, Tula Lagna. Shubh Muhurat – 7.44 Night. शुक्ल द्वादशी, मघा नक्षत्र, तुला लग्न.

29 March 2018, Thursday – Shukla Trayodashi, Purva Phalguni Nakshatra, Tula Lagna. Shubh Muhurat – 7.40 Night. शुक्ल त्रयोदशी, पूर्वाफल्गुनि नक्षत्र, तुला लग्न.

Garbhadhan Muhurat April 2018

2 April 2018, Monday – Krishna Tritiya, Swati Nakshatra, Tula Lagna. Shubh Muhurat – 8.58 Night. कृष्ण तृतीया, स्वाति नक्षत्र, तुला लग्न.

4 April 2018, Wednesday – Krishna Panchami, Anuradha Nakshatra, Tula Lagna. Shubh Muhurat – 8.50 Night. कृष्ण पंचमी, अनुराधा नक्षत्र, तुला लग्न.

6 April 2018, Friday – Krishna Shashti, Moola Nakshatra, Tula Lagna. Shubh Muhurat – 8.42 Night.

7 April 2018, Saturday – Krishna Saptami, Purvashada Nakshatra, Tula Lagna. Shubh Muhurat – 8.38 Night.

8 April 2018, Sunday – Krishna Ashtami, Uttarashada Nakshatra, Tula Lagna. Shubh Muhurat – 8.34 Night.

9 April 2018, Monday – Krishna Navami, Uttarashada Nakshatra, Tula Lagna. Shubh Muhurat – 8.30 Night.

11 April 2018, Wednesday – Krishna Ekadashi, Dhanishta nakshatra, Tula Lagna. Shubh Muhurat – 8.22 Night.

27 April 2018, Friday – Shukla Trayodashi, Hasta Nakshatra, Vrischika Lagna. Shubh Muhurat – 8.19 Night.

28 April 2018, Saturday – Shukla Chaturdashi, Chitra Nakshatra, Vrischika Lagna. Shubh Muhurat – 8.15 Night.

Garbhadhan Muhurat May 2018

3 May 2018

4 May 2018

5 May 2018

7 May 2018

9 May 2018

Garbhadhan Muhurat June 2018

18 June 2018

20 June 2018

22 June 2018

25 June 2018

30 June 2018

Garbhadhan Muhurat July 2018

2 July 2018

5 July 2018

6 July 2018

Garbhadhan Muhurat August 2018

13 August 2018

23 August 2018

26 August 2018

29 August 2018

Garbhadhan Muhurat October 2018

15 October 2018

Write Your Comment