मशीन पूजन (कम्प्यूटर पूजन) जिस मशीन, कम्प्यूटर आदि की पूजन करनी है, सर्वप्रथम उसे रखने के स्थान को जल के छीटें डाल शुद्ध करें, यह ध्यान रखें की वहाँ जल से किसी क्षति की अशंख्या न हो | फिर, उस पर रोली अथवा सिन्दूर से स्वस्तिक बना अक्षत लगाए | तत्पश्चात उस उपकरण के किसी […]
Hindi
कार्तीक मॉस माहात्म्य, अध्याय 14 | Hindi – Kartik Maas Mahatmya Katha 14th Chapter
तब उसको इस प्रकार धर्मपूर्वक राज्य करते हुए देख देवता क्षुब्ध हो गये. उन्होंणे देवाधिदेव शंकर का मन में स्मरण करना आरंभ किया तब भक्तों की कामना पूर्ण करने वाले शंकर ने नारद जी को बुलाकर देव कार्य की इच्छा से उनको वहाँ भेजा. शम्भु भक्त नारद शिव की आज्ञा से देवपुरी में गये. इन्द्रादिक […]
सिद्धिदात्री | सिद्धिदात्री नवदुर्गा | सिद्धिदात्री की कहानी | माँ सिद्धिदात्री की माहात्म्य | सिद्धिदात्री उपासना

माँ दुर्गाजी की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री हैं। ये सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली हैं। नवरात्र-पूजन के नौवें दिन इनकी उपासना की जाती है। इस दिन शास्त्रीय विधि-विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ साधना करने वाले साधक को सभी सिद्धियों की प्राप्ति हो जाती है। सृष्टि में कुछ भी उसके लिए अगम्य […]
महागौरी | महागौरी नवदुर्गा | महागौरी की कहानी | माँ महागौरी की माहात्म्य | महागौरी उपासना

माँ दुर्गाजी की आठवीं शक्ति का नाम महागौरी है। दुर्गापूजा के आठवें दिन महागौरी की उपासना का विधान है। इनकी शक्ति अमोघ और सद्यः फलदायिनी है। इनकी उपासना से भक्तों के सभी कल्मष धुल जाते हैं, पूर्वसंचित पाप भी विनष्ट हो जाते हैं। भविष्य में पाप-संताप, दैन्य-दुःख उसके पास कभी नहीं जाते। वह सभी प्रकार […]
कालरात्रि | कालरात्रि नवदुर्गा | कालरात्रि की कहानी | माँ कालरात्रि की माहात्म्य | कालरात्रि उपासना

माँ दुर्गा की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती हैं। दुर्गा पूजा के सातवें दिन माँ कालरात्रि की उपासना का विधान है। इस दिन साधक का मन ‘सहस्रार’ चक्र में स्थित रहता है। इसके लिए ब्रह्मांड की समस्त सिद्धियों का द्वार खुलने लगता है। देवी कालात्रि को व्यापक रूप से माता देवी – […]
कात्यायनी | कात्यायनी नवदुर्गा | कात्यायनी की कहानी | माँ कात्यायनी की माहात्म्य | कात्यायनी उपासना

कात्यायनी नवदुर्गा या हिंदू देवी पार्वती (शक्ति) के नौ रूपों में छठवीं रूप हैं। ‘कात्यायनी’ अमरकोष में पार्वती के लिए दूसरा नाम है, संस्कृत शब्दकोश में उमा, कात्यायनी, गौरी, काली, हेेमावती व ईश्वरी इन्हीं के अन्य नाम हैं। शक्तिवाद में उन्हें शक्ति या दुर्गा, जिसमे भद्रकाली और चंडिका भी शामिल है, में भी प्रचलित हैं। […]
चन्द्रघण्टा | चन्द्रघण्टा नवदुर्गा | चन्द्रघण्टा की कहानी | माँ चन्द्रघण्टा की माहात्म्य | चन्द्रघण्टा उपासना

माँ दुर्गाजी की तीसरी शक्ति का नाम चंद्रघंटा है। नवरात्रि उपासना में तीसरे दिन की पूजा का अत्यधिक महत्व है और इस दिन इन्हीं के विग्रह का पूजन-आराधन किया जाता है। इस दिन साधक का मन ‘मणिपूर’ चक्र में प्रविष्ट होता है। माँ चंद्रघंटा की कृपा से अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं, दिव्य सुगंधियों […]
ब्रह्मचारिणी | ब्रह्मचारिणी नवदुर्गा | ब्रह्मचारिणी की कहानी | माँ ब्रह्मचारिणी की माहात्म्य | ब्रह्मचारिणी आराधना

नवरात्र पर्व के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। साधक इस दिन अपने मन को माँ के चरणों में लगाते हैं। ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी यानी आचरण करने वाली। इस प्रकार ब्रह्मचारिणी का अर्थ हुआ तप का आचरण करने वाली। भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त करने के […]
शैलपुत्री | शैलपुत्री नवदुर्गा | शैलपुत्री की कहानी | माँ शैलपुत्री की माहात्म्य | शैलपुत्री आराधना

शैलपुत्री देवीदुर्गाके नौ रूप में पहले स्वरूप में जानी जाती हैं। ये ही नवदुर्गाओं में प्रथम दुर्गा हैं। पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री रूप में उत्पन्न होने के कारण इनका नाम ‘शैलपुत्री’ पड़ा। नवरात्र-पूजन में प्रथम दिवस इन्हीं की पूजा और उपासना की जाती है। इस प्रथम दिन की उपासना में योगी अपने मन को […]
नवदुर्गा | नवदुर्गा महत्म्यम | नवदुर्गा पूजा | नवदुर्गा आराधना

हिन्दू धर्म में माता दुर्गा अथवा पार्वती के नौ रूपों को एक साथ नवदुर्गा कहा जाता है। इन नवों दुर्गा को पापों की विनाशिनी कहा जाता है, हर देवी के अलग अलग वाहन हैं, अस्त्र शस्त्र हैं परन्तु यह सब एक हैं। दुर्गा सप्तशती ग्रन्थ के अन्तर्गत देवी कवच स्तोत्र में निम्नांकित श्लोक में नवदुर्गा […]
Durga Saptashati Sankalpam | दुर्गा सप्तशती पाठ संकल्पम

Before starting any Puja, Sankalpam (Will / determination) is a must and should step. It is also considered as oath or ‘Uddheshyam’ of our Puja to that particular God/Goddess and the geo tagging of time and the sadhak (the performer). Durga Saptashati is one of the highly meritorious revered text recited during Navratri. Durga Saptashati […]
Mangalvar Vrat Katha in Hindi | मंगलवार व्रत कथा
Mangalvar Vrat Katha in Hindi, Story of Mangalvar Vrat in Hindi is explained here along with the Mangal Bhagavan Katha. प्राचीन समय में ऋषिनगर में केशवदत्त ब्राह्मण अपनी पत्नी अंजलि के साथ रहता था. केशवदत्त को धन-संपत्ति की कोई कमी नहीं थी. सभी लोग केशवदत्त का सम्मान करते थे, लेकिन कोई संतान नहीं होने के कारण […]
Vedic Rakhi
VEDIC RAKHI💮* *📿वैदिक रक्षासूत्र📿* *रक्षासूत्र मात्र एक धागा नहीं बल्कि शुभ भावनाओं व शुभ संकल्पों का पुलिंदा है । यही सूत्र जब वैदिक रीति से बनाया जाता है और भगवन्नाम व भगवद्भाव सहित शुभ संकल्प करके बाँधा जाता है तो इसका सामर्थ्य असीम हो जाता है *📿कैसे बनायें वैदिक राखी ?📿* *💮वैदिक राखी बनाने के […]
कैसे करे दुर्गा सप्तशती पाठ | दुर्गा सप्तशती की पाठ विधि | नौ दिन में एक दुर्गा पाठ | संक्षिप्त दुर्गा पाठ
आप की मनोकामनाएं कैसे पूरी हो सकती है? हम सब की मन में एक इच्छा रहती है की कोई आके हमें ऐसी उपाय बताये की उससे हमारे सभी कामनाये पूरी होजाये| दुर्गा सप्तशती पाठ एक ऐसी ही महत्त्व उपाय है इसे पाठ करने से हमारे सभी कामनाये तुरंत पूरी हो सकती है| दुर्गा सप्तशती पाठ […]
सूर्य को जल चढाने की फायदे | Surya Ko Jal Chadane Ki Faayde
सूर्य को जल चढाने की फायदे सूर्य को जल चढ़ाने से हमारे व्यक्तित्व पर सीधा असर होता है। ज्योतिष की मान्यता है कि सूर्य देव सभी ग्रहों के स्वामी हैं, इसलिए यदि वे हमसे प्रसन्न रहते हैं तो बाकी ग्रहों की भी कृपा प्राप्त की जा सकती है। विज्ञान के अनुसार भी सूर्य को जल […]
नवग्रहदेवता के पत्नी के नाम | Navgrah Devtaon ke Patni ke naam
नवग्रहदेवता के पत्नी के नाम (1) सूर्य – संध्या, छाया देवी (2) चन्द्र – रोहिणीदेवी (3 मंगल – शकितदेवी (4) बुध – इलादेवी (5) बृहस्पति – तारादेवी (6) शुक – सुकितीॅ-उजॅसवथीदेवी (7) शनि – नीला देवी (8) राहु – सीम्हीदेवी (9) केतु – चित्रलेखादेवी वेदो के पत्नी के नाम (1) ऋग्वेद – सामधेन्याः (2) यजुर्वेद […]
जन्मदिन मनाने की विधि | Janmdin Kaise Manaye | जन्मदिन कैसे मनाये
जन्मदिन मनाने की विधि, Janmdin Kaise Manaye, जन्मदिन कैसे मनाये.. शास्त्रों में जन्मदिन मनाए जाने को वर्धापन संस्कार कहा गया है। जन्म तिथि पर इस संस्कार को सम्पन्न किया जाना उम्र बढ़ाने वाला व जीवन में खुशियां लाने वाला होता है। जन्मदिन के दिन किए जाने वाले विधान जन्मतिथि और नक्षत्र से ही जुड़े होते […]
माला जपने के नियम | Mala Japne Ki Niyam
माला जपने के नियम और जप माला की संक्षिप्त जानकारी : माला कार्यानुसार तुलसी, वैजयंती, रुद्राक्ष, कमल गट्टे, स्फटिक, पुत्रजीवा, अकीक, रत्नादि किसी की भी हो सकती है। अलग-अलग कार्य सिद्धियों के अनुसार ही इन मालाओं का चयन होता है। * तारक मंत्र के लिए सर्वश्रेष्ठ माला तुलसी की मानी जाती है। * माला के […]
गणेश जी के विभिन्न रूपों की आराधना का महत्त्व | Ganpati Ke Vibhinn Rup Ki Aradhana

गणेश जी के विभिन्न रूपों की आराधना का महत्त्व… ● सफेद आंकड़े के गणेश ● तंत्र क्रियाओं में सफेद आंकड़ा (एक प्रकार का पौधा) की जड़ से निर्मित श्रीगणेश का विशेष महत्व है। इसे श्वेतार्क गणपति भी कहते हैं। कई टोने-टोटकों में श्रीगणेश के इस स्वरूप का उपयोग किया जाता है। श्वेतार्क गणपति को घर […]
वैदिक प्रश्नोत्तरी | Vaidik Prashnottari
वैदिक प्रश्नोत्तरी ॥ ॐ ॥ ॐ यह मुख्य परमेश्वर का निज नाम है, जिस नाम के साथ अन्य सब नाम लग जाते हैं। प्र.1- वेद किसे कहते है ? उत्तर- ईश्वरीय ज्ञान की पुस्तक को वेद कहते है। प्र.2- वेद-ज्ञान किसने दिया ? उत्तर- ईश्वर ने दिया। प्र.3- ईश्वर ने वेद-ज्ञान कब दिया ? उत्तर- […]