Shani Gochar 2017-2020 in Hindi | शनि गोचर 2017-2020 | शनि का धनु राशि में गोचर

कैसा रहेगा आपके लिए शनि का धनु राशि में गोचर?

26 जनवरी, 2017 को रात ७.३० बजे शनि अपनी शत्रु राशि वृश्चिक से से सम राशि धनु में प्रवेश करेंगे| इस राशि में २४ जनवरी 2020 तक रहेंगे| इस बीच में शनि २१ जून, 2017 को वक्री स्तिति में वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे और वहाँ २६ अकटूबर, 2017 तक रहेंगे

शनि का राशि परिवर्तन गोचरीय फलों के अनुसार हर व्यक्ति के जीवन में उतार चढ़ाव लाता है| कुछ व्यक्ति जहाँ उनकी साढेसाती एवं ढ़ैय्या से मुक्त होंगे, वहीँ अनेक व्यक्ति इनकी साढेसाती एवं ढ़ैय्या के पाश में आ जायेंगे| विविद जन्मराशि वाले व्यक्तियों के लिए यह रशिपरिवर्तन कैसा रहेगा?

शनि का पायानुसार गोचर 2017-2020

सोने के पाये से गोचर: कर्क, धनु एवं कुम्भ राशि वालों के लिए

ताँबे के पाये से गोचर: मिथुन, तुला एवं मीन राशि वालों के लिए

चाँदी के पाये से गोचर: मेष, सिंह एवं वृश्चिक राशि वालों के लिए

लोहे के पाये से गोचर: वृषभ, कन्या एवं मकर राशि वालों के लिए

भाव अनुसार शनि गोचर 2017-2020

मेष राशि: नवम भाव गोचर – मेष राशिफल हिंदी में

वृषभ राशि: अष्टम भाव गोचर (अष्टम शनि – २.५ साल की ढ़ैय्या आरम्भ) – वृषभ राशिफल हिंदी में

मिथुन राशि: सप्तम भाव गोचर – मिथुन राशिफल हिंदी में

कर्क राशि: षष्टम भाव गोचर (कंटक शनि से राहत) – कर्क राशिफल हिंदी में

सिंह राशि: पंचम भाव गोचर (२.५ साल की ढ़ैय्या से राहत – कंटक शनि की आरम्भ) – सिंह राशिफल हिंदी में

कन्या राशि: चतुर्थ भाव गोचर (२.५ साल की अर्धाष्टम शनि की आरम्भ – ढ़ैय्या) – कन्या राशिफल हिंदी में

तुला राशि: तृतीय भाव गोचर (साढेसात साल की साढ़ेसाती से मुक्ति) – तुला राशिफल हिंदी में

वृश्चिक राशि: द्वितीय भाव गोचर (साढ़ेसाती की अंतिम २.५ साल आरम्भ) – वृश्चिक राशिफल हिंदी में

धनु राशि: प्रथम भाव गोचर (साढेसात साल की साढ़ेसाती आरम्भ) – धनु राशिफल हिंदी में

मकर राशि: द्वादश भाव गोचर (साढ़ेसाती की पाश में) – मकर राशिफल हिंदी में

कुम्भ राशि: एकादश भाव गोचर (शुभफलप्रद गोचर) – कुम्भ राशिफल हिंदी में

मीन राशि: दशम भाव गोचर (मिश्रम फलप्रद गोचर) – मीन राशिफल हिंदी में

राशि के अनुसार शनि का गोचर 2017-2020

मेष राशि:

शनि का धनु राशि गोचर पिछली वर्ष की तुलना में राहतकारी है| आप अष्टम ढ़ैय्या के प्रभाव से मुक्त हो रहे है|

आपको २१ जून से २६ अकटूबर के बीच फिर अष्टम ढ़ैय्या रहेगी|

नवम भाव का गोचर शुभदायक नहीं है, लेकिन ढ़ैय्या के अशुभफलों से मुक्ति मिलने के कारन राहतकारी रहेगा| भाग्य का पूर्ण सहयोग न मिलने के कारन कार्यों में अस्तिरता बनी रहेगी| परिश्रम का पूर्ण फल प्राप्त नहीं हो पायेगा|

वृषभ राशि

आपके लिए लिए शनि का धनु राशि में गोचर शुभ फलदायक नहीं है| जन्मराशि से अष्टम भाव में शनि का गोचर होने से स्वस्थ्य, आर्थिक स्तिति, रोज़गार आदि में विपरीत फल प्राप्त होने की आशंका है|

२१ जून से २६ अकटूबर तक शनि वक्री होकर पुनः वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा, इस समय में रहत का अनुभव होगा, फिर भी शनि का गोचर आपके लिए अशुभफलकारी ही होगा|

मिथुन राशि

आपके लिए शनि का धनु राशि में गोचर जन्मराशि से सप्तम भाव में रहेगा, जो की शुभफलदायक नहीं है| पिछली गोचरावधि में शनि के जो शुभफल मिल रहे थे, उनमे कमी आएगी और पारिवारिक एवं स्वस्थ्य संबंधी समस्याएं परेशां करेंगी| कार्यक्षेत्र में बाधाओं से सम्बंधित समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती है|

२१ जून से शनि वक्री होकर वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे और २६ अकटूबर तक रहेंगे| आप इस समय में समस्याओं से रहत अनुभव करेंगे|

कर्क राशि

आपके लिए शनि का धनु राशि में गोचर सामान्यतः शुभफलदायक रहेगी| अब आप कंटक शनि से मुक्त हो चुके है और शनि की शुभ गोचरावधि में प्रवेश कर चुके हैं| स्वस्थ्य एवं पारिवारिक जीवन में अत्यंत शुभ समय हैं| आर्थिकस्तिति में भी सुधार होगा|

२१ जून से २६ अकटूबर तक शनि वृश्चिक राशि में पुनः प्रवेश करने से पिछली गोचरावधि की समस्याएं पुनरावृत होगा|

सिंह राशि

आपके लिए ये शनि संक्रमण शुभफलदायक नहीं हैं| आप चतुर्थ ढ़ैय्या से मुक्त होरहे हैं पर इसी समय, कंटक शनि का भी आरम्भ होरहा हैं| इस गोचर के फलस्वरूप आर्थिक, पारिवारिक एवं सामाजिक क्षेत्र में प्रतिकूल परिणाम प्राप्त होते हैं|

इसके सात ही, २१ जून से २६ अकटूबर तक शनि की पुनः वृश्चिक राशि प्रवेश के द्वारा भी समस्याएं बढ़ सकती हैं|

कन्या राशि

आपको यह शनि संक्रमण बहुत फलप्रद नहीं है| आप अब चतुर्थ ढ़ैय्या के प्रभाव में आ गए हैं| पिछली गोचरावधि में जो अनुकूलता प्राप्त हो रही थी, वह इस समय में प्राप्त नहीं होंगी| आर्थिक, पारिवारिक एवं रोज़गार के क्षेत्र में प्रतिकूल परिणाम प्राप्त हो सकते हैं|

२१ जून से २६ अकटूबर तक शनि वक्री होकर आपको अशुभ फलों से कुछ राहत का अनुभव प्राप्त करायेगा|

तुला राशि

आप के लिए ये शनि गोचर राहतकारी सिद्ध होता हैं| आप साढ़े सात वर्ष बाद शनि की साढ़ेसाती से मुक्त हो रहे हैं| आपकी सभी क्षेत्रों में अनुकूल परिणाम प्राप्त होंगे| आत्मविश्वास एवं स्वस्थ्य संबंधी अनुकूलता विशेष रूप से दिखाई देगी| कार्यों में समस्याएं दूर होंगी| आपको भाग्य का भी सहयोग मिलने लगेगा|

२१ जून से २६ अकटूबर तक के समय में शनि वृश्चिक राशि में प्रवेश करके वक्री होकर, आपको पिछली गोचरावधि की याद दिलाएगा|

वृश्चिक राशि

आपको ये शनि गोचर बहुत राहतकारी हो सकता हैं| उतरती साढ़ेसाती का आरम्भ होगा| आर्थिक समस्याएं कुछ हद तक दूर होंगी| स्वस्थ्य का पाया अभी भी प्रभावित रह सकता हैं|

२१ जून से २६ अकटूबर तक की समय में शनि वक्री होकर वृश्चिक राशि में पुनः प्रवेश करेगा और आपको पूर्व गोचरावधि की याद दिलाएगा|

धनु राशि

आपको ये गोचर मध्य की साढ़ेसाती के रूप में रहेगा| शनि की मध्य की साढ़ेसाती शुभफलप्रद नहीं होती हैं| इसके फलस्वरूप आपको स्वस्थ्य एवं मानसिक समस्याओं के साथ-साथ पारिवारिक एवं रोज़गार से सम्बंधित समस्याएं भी परेशान कर सकती हैं|

२१ जून से २६ अकटूबर के बीच की समय में भी राहत की आशंका नहीं हैं, क्योंकि उस समय भी शनि वृश्चिक राशि में रहेंगे, और साढ़ेसाती बनी रहेगी|

मकर राशि

आपके लिए यह गोचर साढ़ेसाती की आरम्भ करने वाली हैं| आपको आकस्मिक समस्याएं, कार्यों में बाधाएं, स्वस्थ्य एवं मानसिक संबंधी समस्याएं के रूप में साढ़ेसाती की परिचय होगी|

२१ जून से अकटूबर २६ तक की समय में कुछ राहत मिलने की आशंका हैं|

कुम्भ राशि

आपके लिए ये शनि गोचर राहतकारी सिद्ध होगा| पिछली गोचर की समय में रोज़गार एवं पारिवारिक सम्बंधित समस्याएं आपको चिंतित रखती थी, उनमे कुछ हद तक सुधार होगा| और भाग्य का सहारा भी अब मिलने लगेगा|

आपको कार्यों में सफलताएं मिलने लगेगी| आर्थिक स्तिति भी सुधर जाएगा|

मीन राशि

आपके लिए ये शनि गोचर माध्यम फलप्रद रहेगी| पूर्व गोचर की समय में जो समस्याएं दिखाई दे रही थी, वे कुछ हद तक दूर होगी|

पारिवारिक जीवन एवं रोज़गार सम्बंधित क्षेत्रों में प्रतिकूलताएँ परेशान कर सकती हैं|

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