सिद्धिदात्री | सिद्धिदात्री नवदुर्गा | सिद्धिदात्री की कहानी | माँ सिद्धिदात्री की माहात्म्य | सिद्धिदात्री उपासना

माँ दुर्गाजी की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री हैं। ये सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली हैं। नवरात्र-पूजन के नौवें दिन इनकी उपासना की जाती है। इस दिन शास्त्रीय विधि-विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ साधना करने वाले साधक को सभी सिद्धियों की प्राप्ति हो जाती है। सृष्टि में कुछ भी उसके लिए अगम्य […]

महागौरी | महागौरी नवदुर्गा | महागौरी की कहानी | माँ महागौरी की माहात्म्य | महागौरी उपासना

माँ दुर्गाजी की आठवीं शक्ति का नाम महागौरी है। दुर्गापूजा के आठवें दिन महागौरी की उपासना का विधान है। इनकी शक्ति अमोघ और सद्यः फलदायिनी है। इनकी उपासना से भक्तों के सभी कल्मष धुल जाते हैं, पूर्वसंचित पाप भी विनष्ट हो जाते हैं। भविष्य में पाप-संताप, दैन्य-दुःख उसके पास कभी नहीं जाते। वह सभी प्रकार […]

कालरात्रि | कालरात्रि नवदुर्गा | कालरात्रि की कहानी | माँ कालरात्रि की माहात्म्य | कालरात्रि उपासना

माँ दुर्गा की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती हैं। दुर्गा पूजा के सातवें दिन माँ कालरात्रि की उपासना का विधान है। इस दिन साधक का मन ‘सहस्रार’ चक्र में स्थित रहता है। इसके लिए ब्रह्मांड की समस्त सिद्धियों का द्वार खुलने लगता है। देवी कालात्रि को व्यापक रूप से माता देवी – […]

कात्यायनी | कात्यायनी नवदुर्गा | कात्यायनी की कहानी | माँ कात्यायनी की माहात्म्य | कात्यायनी उपासना

कात्यायनी नवदुर्गा या हिंदू देवी पार्वती (शक्ति) के नौ रूपों में छठवीं रूप हैं। ‘कात्यायनी’ अमरकोष में पार्वती के लिए दूसरा नाम है, संस्कृत शब्दकोश में उमा, कात्यायनी, गौरी, काली, हेेमावती व ईश्वरी इन्हीं के अन्य नाम हैं। शक्तिवाद में उन्हें शक्ति या दुर्गा, जिसमे भद्रकाली और चंडिका भी शामिल है, में भी प्रचलित हैं। […]

स्कंदमाता | स्कंदमाता नवदुर्गा | स्कंदमाता की कहानी | माँ स्कंदमाता की माहात्म्य | स्कंदमाता उपासना

नवरात्रि का पाँचवाँ दिन स्कंदमाता की उपासना का दिन होता है। मोक्ष के द्वार खोलने वाली माता परम सुखदायी हैं। माँ अपने भक्तों की समस्त इच्छाओं की पूर्ति करती हैं। सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया | शुभदाऽस्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी || इस देवी की चार भुजाएँ हैं। यह दायीं तरफ की ऊपर वाली भुजा से स्कन्द […]

कूष्माण्डा | कूष्माण्डा नवदुर्गा | कूष्माण्डा की कहानी | माँ कूष्माण्डा की माहात्म्य | कूष्माण्डा उपासना

नवरात्र-पूजन के चौथे दिन कुष्माण्डा देवी के स्वरूप की उपासना की जाती है। इस दिन साधक का मन ‘अनाहत’ चक्र में अवस्थित होता है। अतः इस दिन उसे अत्यंत पवित्र और अचंचल मन से कूष्माण्डा देवी के स्वरूप को ध्यान में रखकर पूजा-उपासना के कार्य में लगना चाहिए। जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था, तब […]

चन्द्रघण्टा | चन्द्रघण्टा नवदुर्गा | चन्द्रघण्टा की कहानी | माँ चन्द्रघण्टा की माहात्म्य | चन्द्रघण्टा उपासना

माँ दुर्गाजी की तीसरी शक्ति का नाम चंद्रघंटा है। नवरात्रि उपासना में तीसरे दिन की पूजा का अत्यधिक महत्व है और इस दिन इन्हीं के विग्रह का पूजन-आराधन किया जाता है। इस दिन साधक का मन ‘मणिपूर’ चक्र में प्रविष्ट होता है। माँ चंद्रघंटा की कृपा से अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं, दिव्य सुगंधियों […]

ब्रह्मचारिणी | ब्रह्मचारिणी नवदुर्गा | ब्रह्मचारिणी की कहानी | माँ ब्रह्मचारिणी की माहात्म्य | ब्रह्मचारिणी आराधना

नवरात्र पर्व के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। साधक इस दिन अपने मन को माँ के चरणों में लगाते हैं। ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी यानी आचरण करने वाली। इस प्रकार ब्रह्मचारिणी का अर्थ हुआ तप का आचरण करने वाली। भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त करने के […]

शैलपुत्री | शैलपुत्री नवदुर्गा | शैलपुत्री की कहानी | माँ शैलपुत्री की माहात्म्य | शैलपुत्री आराधना

शैलपुत्री देवीदुर्गाके नौ रूप में पहले स्वरूप में जानी जाती हैं। ये ही नवदुर्गाओं में प्रथम दुर्गा हैं। पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री रूप में उत्पन्न होने के कारण इनका नाम ‘शैलपुत्री’ पड़ा। नवरात्र-पूजन में प्रथम दिवस इन्हीं की पूजा और उपासना की जाती है। इस प्रथम दिन की उपासना में योगी अपने मन को […]

नवदुर्गा | नवदुर्गा महत्म्यम | नवदुर्गा पूजा | नवदुर्गा आराधना

Navdurga Mata

हिन्दू धर्म में माता दुर्गा अथवा पार्वती के नौ रूपों को एक साथ नवदुर्गा कहा जाता है। इन नवों दुर्गा को पापों की विनाशिनी कहा जाता है, हर देवी के अलग अलग वाहन हैं, अस्त्र शस्त्र हैं परन्तु यह सब एक हैं। दुर्गा सप्तशती ग्रन्थ के अन्तर्गत देवी कवच स्तोत्र में निम्नांकित श्लोक में नवदुर्गा […]