
जनेऊ क्यों पहनते हैं:– ब्राह्मणो ब्रह्मवर्चसी जायताम।। अर्थात:– ब्राह्मण ब्रह्म (ईश्वर) तेज से युक्त हो। ॐ यज्ञोपवीतं परमं पवित्रं, प्रजापतेयर्त्सहजं पुरस्तात्। आयुष्यमग्र्यं प्रतिमुञ्च शुभ्रं, यज्ञोपवीतं बलमस्तु तेजः॥ अर्थात:– जनेऊ को उपवीत, यज्ञसूत्र, व्रतबन्ध, बलबन्ध, मोनीबन्ध और ब्रह्मसूत्र भी कहते हैं। जनेऊ धारण करने की परम्परा बहुत ही प्राचीन है। वेदों में जनेऊ धारण करने की […]



