धन्वंतरि 108.. धन्वन्तरि अष्टोत्तरं, धन्वन्तरि की १०८ नाम.
ॐ धन्वन्तरये नमः
ॐ धर्मध्वजाय नमः
ॐ धरावल्लभाय नमः
ॐ धीराय नमः
ॐ धिषण वन्द्याय नमः
ॐ धराधर धारिणे नमः
ॐ धात्रे नमः
ॐ धातृ गर्वभिदे नमः
ॐ धात्रेदिताय नमः
ॐ धाराधर रूपाय नमः
ॐ धार्मिक प्रियाय नमः
ॐ धार्मिक वन्द्याय नमः
ॐ धार्मिक जानध्याताय नमः
ॐ धनधान्य प्रदाय नमः
ॐ धनञ्जय रूपाय नमः
ॐ धनञ्जय वन्द्याय नमः
ॐ धिषण रूपाय नमः
ॐ धिषणा सेव्यकाय नमः
ॐ धिषणादायकाय नमः
ॐ धार्मिक शिखामनये नमः
ॐ धीप्रदाय नमः
ॐ ध्यान गम्याय नमः
ॐ ध्यान धात्रे नमः
ॐ धार्मिकाय नमः
ॐ धर्मनियामकाय नमः
ॐ धर्मरूपाय नमः
ॐ धीरोदात्त गुणोज्ज्वलाय नमः
ॐ धर्मविदे नमः
ॐ धीरासम्पूज्याय नमः
ॐ धीर समर्चिताय नमः
ॐ धीर शिखामनये नमः
ॐ दुरंधराय नमः
ॐ धूपधुपित विग्रहाय नमः
ॐ द्रिष्टाय नमः
ॐ धूपदीपादि पूजप्रियाय नमः
ॐ धूमादि मार्गदर्शकाय नमः
ॐ धृष्टद्युम्नाय नमः
ॐ धृष्टद्युम्नस्तुताय नमः
ॐ धेनुकासुर सूदनाय नमः
ॐ धैर्याय नमः
ॐ धेनुकासुर वरप्रदाय नमः
ॐ धेनुव्रज रक्षाकाय नमः
ॐ धैर्यप्रदायकाय नमः
ॐ धैर्यवतामग्रगण्यै नमः
ॐ दोग्रे नमः
ॐ धौम्याय नमः
ॐ धौम्रेडिताय नमः
ॐ धौदिताय नमः
ॐ तृद्ये पदाम्बुजाय नमः
ॐ धीरसंपूज्याय नमः
ॐ धीरसमर्पिताय नमः
ॐ धीररत्नाय नमः
ॐ धर्मपालकाय नमः
ॐ धर्मराजाय नमः
ॐ धर्मपरवन्द्याय नमः
ॐ धामत्रय मंदिराय नमः
ॐ धनुर्वातादिरोग निवारणाय नमः
ॐ धारणा रूपाय नमः
ॐ ध्यानमार्ग तत्पराय नमः
ॐ ध्यान मार्गैक गम्याय नमः
ॐ ध्यानसूत्र सुलभाय नमः
ॐ धातृपापहराय नमः
ॐ धनधादि समर्चिताय नमः
ॐ धन धान्यमत्त जनसूदनाय नमः
ॐ धूमकेतु वरप्रदाय नमः
ॐ धर्माध्यक्षाय नमः
ॐ धरनी रक्षण धुरीनाय नमः
ॐ दीनसंरक्षणाय नमः
ॐ धौम्यदी मुनिस्तुताय नमः
ॐ धौम्यवरप्रदाय नमः
ॐ धर्मसेतवे नमः
ॐ धर्ममार्ग प्रवर्तकाय नमः
ॐ धर्ममार्ग विघ्न कृतसूदनाय नमः
ॐ धनञ्जयादि वरप्रदाय नमः
ॐ धनञ्जय सेवातुष्टाय नमः
ॐ धनञ्जय साह्याकृते नमः
ॐ धनञ्जय स्तोत्र परायणाय नमः
ॐ धनञ्जयस्तुति हर्षिताय नमः
ॐ धनञ्जय गीतोपदेषकृते नमः
ॐ धनञ्जय वियोगभिन्नाय नमः
ॐ धर्मार्थविचार परायणाय नमः
ॐ धर्मसाक्षिणे नमः
ॐ धर्मनियामकाय नमः
ॐ धर्मादुरंधराय नमः
ॐ धर्ममार्गोपदेश कृद्वन्द्वय नमः
ॐ धर्मतन वन्द्याय नमः
ॐ धर्मातनयस्तुत्याय नमः
ॐ धर्माभिवृद्धि कर्त्रे नमः
ॐ धर्मगोप्त्री नमः
ॐ धर्माकर्त्रे नमः
ॐ धर्मबंधवे नमः
ॐ धर्महेतवे नमः
ॐ धार्मिक व्राजरक्षादूरीनाय नमः
ॐ धर्मतनय स्तुत्याय नमः
ॐ दयानिधये नमः
ॐ धर्मतनय स्तोत्रपात्राय नमः
ॐ धर्मतनय संसेव्याय नमः
ॐ धर्मतनय मान्याय नमः
ॐ धारामृत हस्ताय नमः
ॐ धेनुरक्षकाय नमः
ॐ धनुक्षीर प्रियाय नमः
ॐ धन्याय नमः
ॐ धनदाय नमः
ॐ दयागुणसागराय नमः
ॐ धरणीप्रियाय नमः
ॐ धनुर्विद्या पारगाय नमः
ॐ धर्मनिलयाय नमः
ॐ धन्वन्तरि देवताभ्यो नमः