पञ्चमहापुरुष योग | Pancha Mahapurush Yoga

भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पञ्चमहापुरुष योग | Pancha Mahapurush Yoga | कौनसी योग पञ्चमहापुरुष योग कहलाता है? १- रूचक योग (Ruchak Yog) जन्मकुण्डली में अगर मंगल अपनी राशि का होकर मूल त्रिकोण में अथवा उच्च राशि का होकर केन्द्र में स्थित हों , तो रूचक योग होता है। निष्कर्ष – रूचक योग में जन्म लेनेवाला […]

पितृ ऋण के कारण | Pitru Runa Ke Kaaran

पितृ ऋण के कारण, पितृ ऋण के कारण, कैसे बनते है पितृ ऋण, क्या होता है पितृ ऋण? Pitru Runa Kaaran in Hindi. पितृ ऋण के कारण व्यक्ति को मान प्रतिष्ठा के अभाव से पीड़ित होने के साथ-साथ संतान की ओर से कष्ट संतानाभाव संतान का स्वास्यि खराब होने या संतान का सदैव बुरी संगति जैसी […]

देव दोष क्या है, कैसे बनती है | Dev dosh kya hai

देव दोष क्या होती है? कैसे बनती है देव दोष? देव दोष की कारण..Dev dosh kya hai देव दोष ऐसे दोषों को कहते हैं जो पिछले पूर्वजों, बुजुर्गो से चलें आ रहे हैं, जिसका देवताओं से संबंध होता है। गुरु और पुरोहित तथा ब्राहमण विद्वान पुरुषों को इनके पिछले पूर्वज मानते चले आते थे। इन्होंने […]

जन्म का ब्रहम दोष | Janm ka brahm dosh

जन्म का ब्रहम दोष, जन्म का ब्रहम दोष, जन्म से ब्रह्मा दोष कैसे बनती है. प्रथम भाव से खानदानी दोष देह पीड़ा द्वितीय भाव आकाश देवी, तृतीय भाव अग्नि दोष, चतुर्थ भाव प्रेत दोष, पंचम भाव देवी देवताओं का दोष, छठा भाव ग्रह दोष, सातवों भाव लक्ष्मी देवी दोष, आठवां भाव नाग देवता दोष, नवम […]

राशि अनुसार मंत्र | Rashi Anusar Mantra

राशि अनुसार मंत्र यहाँ प्रस्तुत किया हुआ है. यह मंत्र जाप करने से उस राशिवालों को जीवन के अनेक बाधाओं से छुटकारा मिलती है. दोस्तों इस संसार में हर व्यक्ति चाहता है कि से हर कार्य में सफलता मिले, उसके ऊपर माँ लक्ष्मी कि सदैव कृपा बनी रहे, इसके लिए वह दिन रात मेहनत करता […]

लग्न के अनुसार आपकी इष्टदेवता | Lagna ke anusar aapki Ishtadevta kaun hai

जानिये आपके इष्ट देव कौन है.. आपकी लग्न कुंडली मैं पंचम भाव का स्वामी गृह (पंचमेश ) आपके इष्ट देव है ! चाहे लाख दोष हो आपकी कुंडली मैं …गृह अच्छा फल नहीं दे रहे हो ….तो आप अपने इष्ट देव की आराधना करिये ! उनकी आराधना , उपासना , वंदना, पूजा करने से आपके […]

जानिये अश्विनी नक्षत्र की बारे में | नक्षत्र देवता, नक्षत्र वृक्ष, अश्विनी नक्षत्र मंत्र

जानिये अश्विनी नक्षत्र की बारे में – अश्विनी नक्षत्र देवता, अश्विनी नक्षत्र स्वामी, अश्विनी नक्षत्र वृक्ष, अश्विनी नक्षत्र प्राणी, अश्विनी नक्षत्र पौराणिक मंत्र, अश्विनी नक्षत्र देवता मंत्र, और अश्विनी नक्षत्र पीडाहर मंत्र. नक्षत्र देवता : अश्विनीकुमार नक्षत्र स्वामी : केतु नक्षत्र आराध्य वृक्ष : कुचला नक्षत्र पर्यायी वृक्ष : अडुळसा राशी व्याप्ती : ४ हि […]

शंख का महत्त्व – शंख का स्वास्थय में, धर्म में, ज्योतिष में उपयोग | Shankh Mahatv

शंख का महत्त्व – शंख का स्वास्थय में, धर्म में, ज्योतिष में उपयोग | Shankh ka Mahatv. Importance of Shankh (Conch) in Health, Sanatan Dharma and Jyotish (Astrology). आइये जाने शंख का स्वास्थय में, धर्म में, ज्योतिष में उपयोग शंख का स्वस्थ्य में महत्व १ : शंख की आकृति और पृथ्वी की संरचना समान है […]

ग्रह दोष निवारण के लिए खाएं ऐसा खाना | Graha Dosha Nivaran ke liye khaye ye khana

ग्रह दोष निवारण के लिए खाएं ऐसा खाना | Graha Dosha Nivaran ke liye khaye ye khana.. हम सब जो फल, सब्जियां, अनाज खाते हैं उनका संबंध ग्रहों से होता है। यदि आप कोई विशेष फल ज्यादा खा रहे हैं, तो उस फल का संबंध जिस ग्रह से है तो उस ग्रह का प्रभाव आपके […]

जन्म से मृत्यु तक कुंडली के 12 भाव | Kundli ke 12 Bhav

जन्म से मृत्यु तक कुंडली के 12 भाव मनुष्य के लिए संसार में सबसे पहली घटना उसका इस पृथ्वी पर जन्म है, इसीलिए प्रथम भाव जन्म भाव कहलाता है। जन्म लेने पर जो वस्तुएं मनुष्य को प्राप्त होती हैं उन सब वस्तुओं का विचार अथवा संबंध प्रथम भाव से होता है जैसे-रंग-रूप, कद, जाति, जन्म […]