भोजन ग्रहण के नियम | Bhojan Grahan Niyam

भोजन ग्रहण करने के कुछ नियम है

🚩 पांच अंगो ( दो हाथ , २ पैर , मुख ) को अच्छी तरह से धो कर ही भोजन करे।

🚩 गीले पैरों खाने से आयु में वृद्धि होती है।

🚩प्रातः और सायं ही भोजन का विधान है।

🚩पूर्व और उत्तर दिशा की ओर मुह करके ही खाना चाहिए।

🚩दक्षिण दिशा की ओर किया हुआ भोजन प्रेत को प्राप्त होता है।

🚩पश्चिम दिशा की ओर किया हुआ भोजन खाने से रोग की वृद्धि होती है।

🚩शैय्या / बिसतर पर , हाथ पर रख कर , टूटे फूटे बर्तनों में भोजन नहीं करना चाहिए।

🚩मल मूत्र का वेग होने पर , कलह के माहौल में , अधिक शोर में , पीपल , वट वृक्ष के नीचे , भोजन नहीं करना चाहिए।

🚩परोसे हुए भोजन की कभी निंदा नहीं करनी चाहिए।

🚩खाने से पूर्व अन्न देवता , अन्नपूर्णा माता की स्तुति कर के , उनका धन्यवाद देते हुए , तथा सभी भूखो को भोजन प्राप्त हो ईशवर से ऐसी प्राथँना करके भोजन करना चाहिए।

🚩भोजन बनाने वाला स्नान करके ही शुद्ध मन से , मंत्र जप करते हुए ही रसोई में भोजन बनाये और सबसे पहले ३ रोटिया अलग निकाल कर ( गाय , कुत्ता , और कौवे हेतु ) फिर अग्नि देव का भोग लगा कर ही घर वालो को खिलाये।

🚩इर्षा , भय , क्रोध , लोभ , रोग , दीन भाव , द्वेष भाव , के साथ किया हुआ भोजन कभी पचता नहीं है।

🚩आधा खाया हुआ फल , मिठाईयां आदि पुनः नहीं खानी चाहिए।

🚩खाना छोड़ कर उठ जाने पर दुबारा भोजन नहीं करना चाहिए।

🚩भोजन के समय मौन रहे।

🚩भोजन को बहुत चबा चबा कर खाए।

🚩रात्री में भरपेट न खाएं।

🚩गृहस्थ को ३२ ग्रास से ज्यादा नहीं खाना चाहिए।

🚩सबसे पहले मीठा , फिर नमकीन , अंत में कडुवा खाना चाहिए।

🚩सबसे पहले रस दार , बीच में गरिस्थ , अंत में द्राव्य पदार्थ ग्रहण करे।

🚩थोडा खाने वाले को –आरोग्य , आयु , बल , सुख, सुन्दर संतान , और सौंदर्य प्राप्त होता है।

🚩जिसने ढिंढोरा पीट कर खिलाया हो वहा कभी न खाए।

🚩कुत्ते का छुवा , रजस्वला स्त्री का परोसा , श्राध का निकाला , बासी , मूंह से फूंक मारकर ठंडा किया , बाल गिरा हुआ भोजन , अनादर युक्त , अवहेलना पूर्ण परोसा गया भोजन कभी न करे।

🚩कंजूस का , राजा का , वेश्या के हाथ का , शराब बेचने वाले का दिया भोजन कभी नहीं करना चाहिए।

🚩हंमेशा जमिन पर बेठकर हि खाना खाये।

🚩बिना आसन बिछाये कभी खाना ना खाये।

🚩माता पिता, गुरु और साधु संत का जुठा खाने से आपकी मान प्रतिष्ठा बढति है।

🚩अपने प्रिय जन, भाई बहन, पति पत्नि और बच्चो का जुठा खाने से आपस मे प्रेम बढता है।

🚩अकेले मे कभी खाना ना खाये। पुरे परिवार के साथ बेठकर खाना खाये।

🚩शराबी, मांसाहारी और जुआरी के साथ बेठकर खाना नहि खाना चाहिये। हंमेशा शुध्ध और शाकाहारी हि खाना खाना चाहिये।

🔴🐚ऊपर लिखे या बताये सभी निदेँशौं के पीछे वैज्ञानिक तथ्य हैं और सत्य हैं , जरूर पालन करे आपका ही फायदा होगा

Leave a Reply